कोरोना काल में -जान लड़ाये हम भूखों भी मरे हम :-आउट सौरसिंग स्वास्थ्य कर्मी*
झाँसी। कोविड 19 के तहत झाँसी में स्वास्थ्य विभाग के आउट-सौरसिंग कर्मियों द्वारा आम जन की जानमाल की रक्षा का दायित्व निभाने वाले स्वास्थ्य कर्मी आज भूखों मरने की कगार पर हैं ,जिनमें अधिकतर स्वास्थ्य कर्मियों (कोरोना योद्धाओं ) को लगभग पिछले 6-7 महीनों से वेतन ही नही मिली।
आज सभी इकट्ठा होकर प्रदीप जैन आदित्य पूर्व केंद्रीय मंत्री के आवास पर पहुँच कर अपना दुखड़ा सुनाया कर ज्ञापन भेट कहा कि
हम सब अधिकतर अति निर्धन परिवार की बेटे बेटिया हैं जो जान जोखिम में डालकर अपनी गरीबी परिवार की मजबूरी को ताक पर रख कर कोरोना योद्धाओं के रूप में सेवाएं देकर राष्ट्र हित मे आमजनों की जानमाल की रक्षा कर समाज को कोरोना महामारी से लड़ने की ताकत दी।
आज शासन/प्रशासन द्वारा इनका उपयोग कर निकाल बाहर का रास्ता दिखा कर बेरोजगार कर यह कह दिया कि आपको कोरोना महामारी से निपटने के लिए सेवा में रखा गया था
चूंकि अब कोरोना नही हैं अस्पताल सरकार के आदेश पर बंद कर दिये इस आधार पर अब आपकी सेवाएं स्वतः ही समाप्त कर गयी हैं।
पूर्व केन्द्रीय मन्त्री द्वारा सभी आउट सौरसिंग स्वास्थ्य कर्मियों की बात सुन बिभागीय उच्च अधिकारियों में जिलाधिकारी , मुख्य चिकित्साधीक्षक ,आउट सौरसिंग ठेकेदार से सम्पर्क कर वार्ता में सार्थक पहल का सहमति व्यक्त कर देकर पुनः सेवाएं देने की उच्च अधिकारियों द्वारा बात कही गयी जिसमे डॉ,.हरीश चंद्र आर्य द्वारा एक सप्ताह में बकाया वेतन एव कार्यनाभव प्रमाण पत्र भी देने की बात कही, इस अवसर पर डॉ सुनील तिवारी, मजहर अली ,गिरजा शंकर राय आदि को अपनी बताई।
स्वास्थ्य कर्मियों के प्रतिनिधि मंडल द्वार अपनी परिवारिक मजबूरिया बताते हुए पुनः आउट सौरसिंग द्वारा काम पर ले लिया जाय जिस से हम गरीबो के पेट की आग बुझ सके, घर बुझा चूल्हा फिर जल सके।
प्रतिनिधि मंडल में रुचि ,प्रियंका वर्मा, शमशाद, विमलेश ,राघवेंद्र पाल, अनिल वर्मा दीपक शर्मा आदि ने अपनी बात रखी।