पर्यावरण बचाने को लेकर विधायक जी से पूछे दस सवाल
झांसी। महानगर के नागरिकों के स्वस्थ जीवन तथा मानसिक विकास और पर्यावरण को सुरक्षित करने की दृष्टि से झांसी महायोजना में प्रस्तावित पार्को और खैल के मैदानों के विकसित न होने और इनकी भूमियों पर अनधिकृत निर्माण, अतिक्रमण और अवैध कॉलोनिया विकसित होने के कारण बढ़ रहे प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के खतरों से चिंतित जनता की ओर से पर्यावरण कार्यकर्ता नरेन्द्र कुशवाहा ने झांसी सदर विधायक को ई मेल भेजकर 10 सवाल पूछे है। नरेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 47, 48 तथा 51 (क) (छ) के अनुसार सरकार का यह कर्तव्य है कि वह पर्यावरण तथा नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा तथा सुधार करें और जनता के लिये प्रदूषण रहित जल, वायु तथा पर्यावरण सुलभ कराएँ। लेकिन झांसी प्रशासन संविधान के इन अनुच्छेद के विपरीत कार्य कर रही है और जो व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वस्थ वातावरण में जीवन जीने और अनुच्छेद 47, 48 तथा 51 के तहत पर्यावरण को बचाने एवं रक्षा करने के लिए आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने में लगा है। नरेन्द्र कुशवाहा ने आगे कहा कि झांसी महायोजना प्रस्तावित किए गए पार्कों, खैल के मैदानों के अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियां स्पष्ट संदेश दे रही है कि झांसी प्रशासन के द्वारा भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए अपने कर्तव्यों के विमुख जाकर कार्य कर संविधान का घोर उल्लंघन किया जा रहा है। इस मामले की शिकायत एनजीटी ने प्रशासन को अवैध निर्माण हटाने के आदेश दिए है इसके बावजूद प्रशासन की ओर से आज तक एक भी अवैध निर्माण नहीं हटाया गया है वही राहुल राजपूत और सुदीप दीक्षित उर्फ महाराज द्वारा कहा जा रहा कि जिस किसी को भी जेडीए की ओर से नोटिस इशू किया गया है या ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया है, माननीय विधायक जी ने ही जेडीए के अधिकारियों से बात करके उन्हे रोका है जिसके कारण ये 10 सवाल विधायक जी से पूछे गए है, विधायक जी को इन सवालो के जवाब देकर बताना चाहिए कि विधायक जी संविधान पालन करते है या संविधान का उल्लंघन करने वालो के साथ है।