• Wed. Jan 28th, 2026

Jhansi Darshan

No 1 Web Portal in jhansi

24323ग्राम विकास अधिकारी विकास खण्ड बामौर, ग्राम पंचायत सगौली पर हुई कार्रवाई

ByNeeraj sahu

Oct 4, 2024

ग्राम विकास अधिकारी विकास खण्ड बामौर, ग्राम पंचायत सगौली पर हुई कार्रवाई

जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार ने अवगत कराया है कि परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के पत्र संख्या 1333 / पी-25 / प्र0म0यो0-ग्रा/ 2022-23 दिनांक 22 मार्च 2023 के संदर्भ में मुख्य विकास अधिकारी महोदय से हुयी वार्ता एवं प्राप्त निर्देशों के अनुक्रम में श्री आसीत व्यास ग्राम विकास अधिकारी विकास खण्ड बामौर द्वारा ग्राम पंचायत सगौली में प्रधानमन्त्री आवास योजना ग्रामीण में 12 अपात्र लाभार्थियों का चयन किया गया। चयन प्रस्ताव के कम में जनपद से अनुमोदन एवं स्वीकृति के उपरान्त पूर्व में पात्र बताये लाभार्थियों को अपात्र कर दिया गया जिससे प्रतिकूल स्थिति पैदा हुई। स्पष्ट है कि श्री व्यास द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही / उदासीनता बरती गयी. अतः कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम-3 के विरुद्ध आचरण करने दृष्टिगत एतद द्वारा श्री आसीत व्यास, ग्राम विकास अधिकारी बामौर को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के अन्तर्गत अनुशासनिक कार्यवाही प्रख्यापित करते हुए तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन की अवधि में श्री व्यास को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 से भाग-2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्ध वेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महगाई भत्ता यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है भी अनुमन्य होगा निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भरते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देव हो जब इसका समाधान हो जाय कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिए उक्त प्रतिकर भलो अनुमन्य है।
उपर्युक्त प्रस्तर 2 में उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा, जब श्री व्यास इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगे कि वह किसी अन्य सेवायोजन व्यापार वृत्ति व्यवसाय में नहीं लगे है।
निलम्बन काल में श्री व्यास विकास खण्ड चिरगाँव में सम्बद्ध रहेगें।
उ0प्र0 सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम-7 के अधीन अनुशासनिक कार्यवाही से सम्बन्धित समस्त प्रक्रिया पूर्ण किये जाने हेतु खण्ड विकास अधिकारी चिरगाँव को जाँच अधिकारी नामित किया जाता है। जाँच अधिकारी उक्त नियमावली में निर्दिष्ट व्यवस्था के अधीन जाँच की समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर समयान्तर्गत जाँच आख्या प्रस्तुत करेगे।
———–

Jhansidarshan.in