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नवरात्रि के अन्तिम दिन नवमी पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या पहुँची देवी मन्दिरों पर, सिद्धिदात्री मैया के स्वरूप की भक्तों ने की पूजा अर्चना

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Apr 11, 2022

नवरात्रि के अन्तिम दिन नवमी पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या पहुँची देवी मन्दिरों पर, सिद्धिदात्री मैया के स्वरूप की भक्तों ने की पूजा अर्चना

 

नवरात्रि के अन्तिम दिन नवमी माता सिद्धिदात्री का दिन होता है। नवरात्री के अन्तिम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या देवी मन्दिरों पर गयी और मैया के सिद्धिदात्री रूप की पूजा अर्चना की। अलख सुबह से ही श्रद्धालु महिलाएं व पुरूष देवी मन्दिरों में गए और मैया की जय जयकार की।
चैत्र की नवरात्रि के नवें दिन यानी नवमी पर आज सुबह से ही देवी मैया के भक्त देवी मन्दिरों पर गए और विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर मैया की जयकारा लगाते हुए उनसे मनोकामना पूर्ण करने का वरदान मांगा। देवी मैया के भक्तों की भारी संख्या देवी मन्दिरों में रही। विधि-विधान के साथ नवमीं पर माता सिद्धिदात्री के स्वरूप की श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालु महिलाएं व पुरूष देवी मन्दिरों में पहुंचने शुरू हो गए थे। देवी मैया के भक्तों ने मन्दिरों में होने वाली सुबह की आरती में भी भाग लिया। जहाँ देखो वहीं मैया की जय जयकार की गूंज सुनाई दे रही थी। नगर में सुबह से ही वातावरण भक्तिमय होता रहा। कोंच नगर की बड़ी माता मन्दिर, पड़री की हुल्का देवी मैया माता मन्दिर, बोदरी माता, धनुतालाब स्थित मन्दिर माता महाकाली मैया, सिंह वाहिनी मन्दिर, रामकुण्ड पर माता महामाई मंदिर, सन्तोषी माता मंदिर, महन्त जी के बगीचा
स्थित माता महाकाली मैया, कैला देवी मैया, माता हिंगलाज मैया, नकटी माता मन्दिर, कंजड़ बाबा आदि मन्दिरों पर सुबह से ही देवी भक्त पूजा अर्चना करने में लगे हुए थे।

आज का दिन माँ सिद्धिदात्री का होता है
नवरात्रि में नवमी का दिन माता सिद्धदात्री मैया का होता है। विद्वान बताते हैं कि माता सिद्धदात्री की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जातीं हैं। माता सिद्धिदात्री को फल, फूल, पान, सुपारी, अक्षत, सिन्दूर अर्पित कर हवन पूजन करें, इसके बाद कन्या पूजन करें व उन्हें खीर खिलाएं, ऐसा करने से माँ की कृपा भक्तों पर बरसती है।

रविकांत द्विवेदी, जालौन-यूपी

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