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शहीद दिवस पर राम कृपाल द्वारा रचित शहीद चालीसा का पाठ

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Mar 23, 2022

शहीद दिवस पर राम कृपाल द्वारा रचित शहीद चालीसा का पाठ

 

आज़ हमारा देश स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीदों को नमन कर रहा है।
1931 में आज ही के दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। कोर्ट ने तीनों को फांसी दिए जाने की तारीख 24 मार्च तय की थी, लेकिन ब्रिटिश सरकार को माहौल बिगड़ने का डर था, इसलिए नियमों को दरकिनार कर एक रात पहले ही तीनों क्रांतिकारियों को चुपचाप लाहौर सेंट्रल जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया।
इन तीनों पर अंग्रेज अफसर सांडर्स की हत्या का आरोप था।

28 सितंबर, 1907 को पंजाब के लायलपुर में बंगा गांव (जो अभी पाकिस्तान में है) में जन्मे भगत सिंह महज 12 साल के थे, जब जलियांवाला बाग कांड हुआ। इस हत्याकांड ने उनके मन में अंग्रेजों के खिलाफ गुस्सा भर दिया था।
आज़ शहीद दिवस पर जालौन के जाने-माने लेखक राम कृपाल जी द्वारा रचित शहीद चालीसा सुनिए उन्हीं की जुबानी
वीरों के शहादत की कहानी।

रविकांत द्विवेदी, जालौन-यूपी

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