दायित्व का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने पर परमात्मा प्रसन्न होता है-दीनबंधु दास
कोंच में महाकालेश्वर मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सुन्दर संगीतमयी भागवत कथा का श्रद्धालु आंनद ले रहे हैं। भागवत कथा सुनाते हुए भागवताचार्य दीनबंधुदास जी महाराज ने कहा कि परमात्मा ने जिसे जो भी दायित्व सौंपा है उसका ईमानदारी के साथ निर्वहन करने पर परमात्मा प्रसन्न होता है। उंन्होने कहा कि ईमानदारी से किया गया कार्य हमेशा ही फलीभूत होता है और उसके अच्छे परिणाम हमारे सामने आते हैं। भागवताचार्य दीनबंधुदास जी महाराज ने भागवत कथा सुनाते हुए कहा कि सती द्वारा भगवती होने पर भी अपने पत्नी धर्म का पालन नहीं किया गया और शिवजी की बात नहीं मानी और भगवान राम की परीक्षा ली। सती ने पति के रोकने पर भी पिता के घर जाती हैं जिसका परिणाम हुआ कि उनसे शिव छूटे, राम भी रूठे और अंत में शरीर त्यागना पड़ा और बाद में पार्वती के रूप में उन्हें शिव की प्राप्ति हो सकी। कथा व्यास दीनबंधुदास जी महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति अपने मित्र के साथ छल करता है और पीठ पीछे धोखा देने की नीयत रखता है उसका कभी भला नहीं हो सकता। यह भागवत कथा अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षिणी सेवा समिति व नगरवासियों के सहयोग से चल रही है। भागवत कथा को परीक्षित गरिमा तिवारी व सुरेंद्र तिवारी व सैकड़ों भक्त बड़े ही भक्तिभाव से सुन रहे थे। भागवत कथा के आयोजक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं संजय रावत शास्त्री व्यवस्थाओं में लगे हुए थे। वहीं पूजन अर्चन व पाठ आदि कार्यक्रम में विद्वज्जन मुकेश तिवारी, रूपेश तिवारी, आनंद मिश्रा, अनुज मिश्रा, संदीप शांडिल्य, राहुल तिवारी, सुदर्शन मिश्रा आदि सहयोग कर रहे हैं। अन्य व्यवस्थाओं में मंदिर प्रबंधक गोविंद शुक्ला, सचिन शुक्ला आदि लगे हुए थे ।