सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को लेकर जिला एकीकरण बैठक में तैयार हुई रूपरेखा
जालौन के विकास भवन सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी की अध्यक्षता में जिला एकीकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर 2021 को धूमधाम से मनाए जाने को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। इसके साथ ही भारत रत्न डॉ0 भीमराव अंबेडकर की जयंती, राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी को मनाए जाने पर भी विचार गोष्ठी का आयोजन किया।
मुख्य विकास अधिकारी अभय कुमार श्रीवास्तव ने बताया 19 से 25 नवंबर तक कौमी एकता सप्ताह मनाए जाने के लिए जनपद के महान विभूतियों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जन्म दिवस उल्लास पूर्वक मनाये जाने के साथ राष्ट्रीय एकता, अखंडता, धर्म निरपेक्षता, सांप्रदायिक सौहार्द तथा भाईचारे को बनाए रखने के लिए जनपद के समस्त नागरिकों का सहयोग को प्राप्त करने एवं सुझाव पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति की बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी ने कहा कि हमारा देश मे विभिन्न धर्म, जाति एवं संप्रदाय के लोग रहते हैं। यहां पर प्रत्येक कोस पर भाषा एवं विभिन्न जाति, संप्रदाय के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग आपसी मेल-मिलाप एवं भाईचारे के साथ सद्भाव पूर्वक रहें। सभी धर्मों के लोग राष्ट्रीय पर्वों को एकता में भाईचारे के साथ मनाएं, यहां की जनता शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करती है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करने के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें तथा देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।
उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम एवं शहीदों की जानकारी देने के लिए हर महीने में किसी न किसी कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में उनके गांव में स्मारक बनवाया जाए तथा कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी अभय कुमार श्रीवास्तव ने सभी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि हम सभी लोगों को आपस में मिलकर देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करना है तथा उससे निपटना भी है। उन्होंने कहा कि हमारे देश ने आजादी के बाद बहुत तरक्की की है तथा कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भी बना है। उन्होंने कहा कि देश की गरीबी एवं जातिवाद को खत्म कर देश की राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को मजबूत करना है।