अमृत योजना/स्मार्ट सिटी के अंतर्गत जल निगम द्वारा कराये जा रहे फेज़ 02 के कार्यो की धीमी प्रगति कड़ी नाराजगी
जल संस्थान द्वारा संचालित 13 नगरीय पेयजल योजनाओं के 64452 संय़ोजन की जांच के आदेश
जनपद में एकल पाइप पेयजल परियोजनाएं जो बंद हैं, उन्हें जल जीवन मिशन में टेकअप किया जाए
ग्राम प्रधानो द्वारा कराये गये हैंड पंप रीबोर भुगतान होने के बाद यदि ठीक नहीं है तो वसूली होगी
रिट्रोफिटिंग के कार्य में तेजी लाए जाने के निर्देश, जल निगम गति के साथ स्मार्ट सिटी के अंतर्गत कार्य पूर्ण करें
झाँसी l जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने विकास भवन सभागार में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि यह बैठक अंतर विभागीय बैठक है ताकि पेयजल से सम्बन्धित किसी विभाग को यदि कोई समस्या हो तो उसे आपसी समन्वय स्थापित करते हुए उसका निराकरण किया जा सके। पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं एवं कार्यो को किसी भी स्तर पर लम्बित न रखा जाये। उन्होने ताकीद करते हुये कहा कि जनपद में किसी भी क्षेत्र में पेयजल समस्या नही होनी चाहिए, जल संस्थान द्वारा जो भी व्यवस्था की जानी है उसे समय से पूरा कर लिया जाये।
बैठक में जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन अन्तर्गत 114 पाइप ग्रामीण पेयजल योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि 25 परियोजनाएं जो पूर्ण रूप से बंद,आंशिक रूप से बंद है, सभी पाइप पेयजल योजनाओं को तत्काल ठीक किये जाने के आदेश दिये। उन्होंने ग्रामीण पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे गांव जहां पेयजल आपूर्ति बंद है, उन्हें रिट्रोफिटिंग के माध्यम से तत्काल ठीक कराया जाए ताकि जलापूर्ति सुचारू हो सके।
नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पंचायतराज अधिकारी को निर्देश दिये कि 221 हैण्डपम्प जो सर्वे के दौरान मरम्मत योग्य पाये गये थे उनकी मरम्मत पंचायत स्तर से करायी गई है, यदि हैंडपंप पूर्ण संचालित नहीं है अथवा बंद है तो ऐसे हैंडपंपों की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा कि बंद हैंडपंप को तत्काल पुनः रिबोर कराया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जल निगम द्वारा निर्माणाधीन स्वीकृत राष्ट्रीय ग्रामीण पाइप पेयजल योजना रनगुवां ग्राम समूह पेयजल योजना और राज्य ग्रामीण पेयजल योजना के अन्तर्गत खड़ौरा ग्राम पेयजल योजना की समीक्षा की और योजना जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये।
बैठक में अमृत एवं स्मार्ट सिटी योजनान्तर्गत जल निगम फेज़-1 और फेज़-2 में नगरीय क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हेतु ओवरहेड टैंक तथा पाइप पेयजल आपूर्ति का कार्य कर रहा है। उन्होने कार्य पर असंतोष व्यक्त करते हुये किये जा रहे कार्यो की जांच के आदेश दिये। उन्होंने जल निगम द्वारा स्मार्ट सिटी में अमृत योजना अंतर्गत कराए जा रहे फेज़-2 के कार्यो की धीमी प्रगति पथ कड़ी नाराजगी व्यक्त की और शासन को डिओ लेटर लिखने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं है। अमृत एवं स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले सीडब्ल्यूआर, ओवरहेड टैंक, वितरण प्रणाली के संयोजन तथा वाटर मीटर, फीडम मेन तथा राइजिंग मेन सहित अन्य कारों की प्रगति अपेक्षाकृत बेहद धीमी है उन्होंने तत्काल प्रगति लाए जाने के निर्देश दिए।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार, डीडीओ सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम रणविजय सिंह, अधिशाषी अभियंता सिंचाई उमेश कुमार, डीपीआरऔ जेआर गौतम, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग बीएल सिंह, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुनील कुमार सहित सभी अधिशाषी अधिकारी उपस्थित रहे।