गौतम बुद्ध के विचारों की वर्तमान परिवेश में उपयोगिता विषय पर गोष्ठी संपन्न हरगोविंद कुशवाहा राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकारझांसी ।भारतीय बुद्ध महासभा के तत्वाधान में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर गौतम बुद्ध जयंती का संयोजन बहादुर आदिम ने आयोजन में किया गया ।गोष्ठी के मुख्य अतिथि हरगोविंद कुशवाहा उपाध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय बुद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री की अध्यक्ष सरकार व गोष्ठी की अध्यक्षता मोहन लाल सिंगरया ने की ।
सर्व प्रथम गौतम बुद्ध के चित्र पर मोमबत्ती जलाकर बौद्ध बंदना कुमारी,चंद्रकांता आदिम,दीक्षा आदिम नैनसी आदिम तथा काव्यजली ने की
तत्पश्चात हरगोविंद कुशवाहा राज मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार ने गौतम बुद्ध के चित्र पर माल्यार्पण कर किया तत्पश्चात गौत्तम बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डालते हुए का वर्तमान समय में बुद्ध दर्शन कीउपयोगिता महत्वपूर्ण है ।क्योंकि मनुष्य आज तमाम गंभीर समस्याओं से पीड़ित है वर्तमान समस्याओं से मुक्ति एवं शांति में जीवन आज के वैज्ञानिक में गौतम बुद्ध द्वारा निर्देशित बौद्ध दर्शन समाज एवं सरस्वती प्रतीत होता है होता है प्रतीत होता है ।बौद्ध धर्म एक ऐसा सत्य का अभिप्राय है ,जो मनुष्यो के प्रत्यनो द्वारा किया जाता है।,उसमें कोई बाहरी शक्ति की प्रेरणा नही है। पूर्णता बुद्धि और अनुभव पर आधारित है नैतिक अपूर्णता बुद्धि और अनुभव पर आधारित है नैतिक तथा आध्यात्मिक जिसका उद्देश्य व्यक्तित्व मोक्ष ना होकर समस्त लोक कल्याण भौतिक समृद्धि एवं आध्यात्मिक विकास दोनों के लिए सर्वोपरि है। इसमें सब के लिए स्वतंत्रता समानता एकता तथा न्याय के द्वार खुले हैं ।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे ,मोहन लाल सिंगरया ने बताया कि शोषितों की शोषित ही मदद का संदेश देता है ,बुद्ध दर्शन से ही मानव कल्याण सेवा करना से ही बुद्धत्व की प्राप्ति संभव है। जिसमें वर्ण भेद अश्पृश्यता आदि समानता का मापदंड नहीं है ,जिसका मूलाधार स्वत: सुख से होकर बहुजन हिताय बहुजन सुखाय बुद्ध धर्म एक मानव धर्म है यह मनुष्य की आत्म चिंतन आत्मनिर्भरता आत्मविश्वास निरीक्षण का आत्म संदेश देता है।
इस अवसर पर कुंवर बहादुर आदिम,ओम प्रकाश भोरीवाल, प्रभु दयाल कुशवाहा ,पप्पू रामसहाय, बीआर निषाद बत्तगुरु,गिरजाशंकर राय ,सुरेश अड्ज़रिया, शिव चरण लच्छे ,वीर सिंह यादव ,अमीर चंद आर्य हरिनारायण श्रीवास्तव ,मुकेश सिंघल ,राजकुमार द्द्वानी,शिव वीर सिंह पाल ,अयोध्या कुमार यादव आरके दुबे आदि ने गौतम बुद्ध के विचारों पर चलने का अनुसरण करते हुए उनके विचारों पर चलने का संकल्प लिया ।
कार्यक्रम का संचालन कुँवर बहादुर आदिम एवं हरिनारायण श्रीवास्तव ने अंत मे आभार व्यक्त किया।