
कोविड के खिलाफ राष्ट्र में हर तरफ जारी सयुंक्त जंग को भारतीय रेल द्वारा निरंतर मजबूती प्रदान की जा रही है I इसी क्रम में मंडल परिचालन विभाग के चालक व गार्ड दल द्वारा कोविड संक्रमण की चुनौतियों का सामना करते हुए विभिन्न राज्यों में ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के माध्यम से ऑक्सीजन पहुचाते हुए राष्ट्रहित में अहम भूमिका निभा रहे हैं I ऑक्सीजन एक्सप्रेस माल गाड़ियों में रोल ऑन-रोल ऑफ तकनीक से टेंकरों को सीधे बिना रोक टोक गंतव्य अस्पताल तथा स्वास्थ्य इकाई तक पहुचाया जा सकता है I ऑक्सीजन एक्सप्रेस के संचालन के माध्यम से देश में विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद मरीजों को राहत प्रदान के लिए जीवन रक्षक के रूप में तरल मानदंड स्थापित कर रहा है ।
ऑक्सीजन एक्सप्रेस के माध्यम से तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (LMO) के परिवहन हेतु भारतीय रेल द्वारा लगातार ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जा रही है । ढुलाई एक जटिल प्रक्रिया है फिर भी लंबी दूरी वाले मार्गों पर ऑक्सीजन एक्सप्रेस ज्यादातर मामलों रोल ऑन रोल ऑफ सेवा के तहत ऑक्सीजन टैंकरों 55 किमी प्रति घंटे की गति से चल रही है । ऑक्सीजन एक्सप्रेस के निर्बाध परिवहन व् गति प्रदान करने के उद्देश्य से इसका संचालन ग्रीन कोरिडोर से जोड़ दिया गया है I
ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है तथा इसकी पहुच देश भर के राज्यों को जहां ऑक्सीजन टैंक सीधे आपात आवश्यकता को समझते हुए विभिन्न क्षेत्रों के ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता फैक्ट्री से शीघ्रता शीघ्र अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं । ऑक्सीजन चालक दल द्वारा अहम भूमिका निभाते हुए ऑक्सीजन मरीजों तक यथासंभव कम से कम समय में पहुंचा रहे हैं I
झाँसी मंडल में कार्यरत गार्ड प्रशांत मिश्र जिनके द्वारा 06 मई को ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन झाँसी से आगरा के मध्य कराया गया गर्वान्वित होते हुए अपना अनुभव साझा करते हुए कहते हैं कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस के संचालन से वेह सीधे उन मरीजों की मदद कर पा रहे हैं जिनकी साँसे थमने को है, इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है, वह धन्य है जो रेलवे ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है I संजीव कुशवाहा कहते हैं, ऑक्सीजन एक्सप्रेस के संचालन हेतु उन्हें लगातार ग्रीन सिग्नल मिले जिससे कि वो ट्रेन के माध्यम से जीवन रक्षक ऑक्सीजन को जल्द से जल्द निर्वाध रूप से अपने गंतव्य स्टेशन तक
पहुचाने में सफल रहे I जे के सिंह का कहना है की ऑक्सीजन लेकर जा रही इस मालगाड़ी को रास्ते में ग्रीन कॉरीडोर के तहत प्रत्येक स्टेशनों पर ग्रीन सिग्नल मिला और कहीं भी डिटेशन नहीं किया गया । हम इसे उच्च प्राथमिकता सहित गति का विशेष ध्यान रखते हुए लेकर आये है ।
प्रदीप तिवारी तथा प्रदीप लोधी जो की आज राउरकेला से फरीदाबाद जा रही ऑक्सीजन एक्सप्रेस में गार्ड की हैसीयत से कार्यरत हैं कहते हैं की “हम देश की आज़ादी हेतु किये गए महा आन्दोलन में तो शामिल नहीं हुए, परन्तु आज हमें गर्व है की हम इस ऑक्सीजन एक्सप्रेस के संचालन के माध्यम से विपरीत परिस्थितयों में अपने राष्ट्र की सेवा कर पा रहे है, जय हिन्द, जय भारत I
राउरकेला से फरीदाबाद जा रही ऑक्सीजन एक्सप्रेस में लोको पायलट ब्रिजेश पाण्डेय तथा सहायक लोको पायलट चेतन अगरवाल कहना चाहते हैं की ऑक्सीजन एक्सप्रेस से सञ्चालन के अवसर पर आज उनको अंदरूनी रूप से रेल सेवा के साथ-साथ सच्ची देश सेवा की अनुभूति हो रही है I
इस प्रकार सभी गार्ड व् चालाक दल द्वारा एक स्वर मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हुए कहा गया उन्हें ऑक्सीजन ले जाने का मौका मिला ।