भागवत कथा सुनने से सारे कष्ट दूर हो जाते है
– कथा के तीसरे दिन उमड़ी भक्तों की भीड़
_ भजनों की प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया
झांसी : श्रीमद् देवी भागवत कथा सुनने से सारे कष्ट दूर हो जाते है। जीवन के अंतिम काल में मोक्ष के लिए स्वर्ग का दरवाजा खुल जाता है। कथा ही मानव को भवसागर पार कराती है।
लक्ष्मी गेट बाहर स्थित श्री महाकाली विद्या पीठ के प्रांगण में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित श्री तारा तेजस्व शर्मा ने भक्तों का रसपान कराते हुए कहा कि जहा भागवत कथा व पूजा होती है। उस घर में लक्ष्मी नारायण की कृपा सदैव बनी रहती है। जीवन के बंधन से मुक्ति का एक मार्ग श्रीमद् भागवत कथा श्रवण ही है। इससे भक्तों की सभी परेशानिया दूर हो जाती है। धु्रव प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि धु्रव की सौतेली मा सुरुचि द्वारा अपमानित करने पर भी उसकी मा सुनीता ने धैर्य नहीं खोया जिससे संकट टल गया। धु्रव ने तपस्या के बल पर हरि को प्रसन्न कर लिया। भक्त प्रह्लाद के प्राणों की रक्षा के लिए भगवान ने खंभे में अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया। भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं। बस जरूरत है उन्हें सच्चे मन से याद करने की। इससे पूर्व मुख्य यजमान श्रीमती कल्पना -अनिल कुमार ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। संगीताचार्य भजनों की शानदार प्रस्तुति देकर वातावरण भक्तिमय कर दिया। आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य पंडित पीयूष रावत ने सभी का आभार जताया। इस दौरान मुख्य संचालिका गुरु माता श्रीमती अनामिका शर्मा ,पंडित विजय त्रिवेदी, गोपाल त्रिवेदी, अक्षत त्रिवेदी, अमित रावत, भूपेंद्र रायकवार आदि उपस्थित रहे.