चितगुवा नहर पुल बना काल का गाल आये दिन वाहन हो रहे हादसे का शिकार देर रात्रि गिरी कार में एक कि मौत रिपोर्ट दयाशंकर साहू नरेन्द्र सबिता
ग्रामीण एडिटर कृष्ण कुमार
झाँसी थाना पूँछ क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम चितगुवा के समीप से निकली हमीरपुर शाख नहर के पुल की रेलिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण वहान चालक हादसे का शिकार हो जाते है जिसमे 2 माह के भीतर चार हादसों में अलग अलग स्थान के तीन लोग अपनी जान गवा चुके है कि बार खबर प्रकाशित करने के बाद भी नहर बिभाग के अधिकारियों के कान पर जू तक नही रेगा जबकि उक्त नहर राहगीरों की जान की दुश्मन बनी हुई हैं आज रात्रि करीब 9 बजे एक अल्टो कर क्रमांक MP 07 E 4006 असन्तुलित होकर नहर की टूटी रैलिंग से होकर नीचे चली गई जिससे उसके चालक संदीप 27 पुत्र उमाशंकर राजपूत निवासी ग्राम चंदार थाना भाण्डेर जिला दतिया मध्यप्रदेश की मौत हो गई। म्रतक अपने मामा ससुर के यहाँ त्रयोदशी में ग्राम धौरका आया हुआ था। ग्रामीणों ने मौके पर जाकर उसे गाड़ी के बाहर निकाल कर एम्बुलेन्स एवं पुलिस को सूचना दी। बताते चले कि उक्त नहर में दो माह के भीतर चार घटनाओं में दो मोटरसाइकिल एवं दो कार दुर्घटना का शिकार हो गई है जिसमे अलग अलग स्थानों के तीन लोग काल के गाल में समा गए वही ग्राम के धर्मेन्द्र राजपूत, एवं महेश कुशवाहा ने बताया कि नहर विभाग के कोई भी आलाधिकारी द्वारा टूटे हुए पुल की सुध नही ली गई है जबकि ग्राम प्रधान द्वारा दौनो साइड लोहे की रेलिंग लगा दी गई थी जो नाकाफी साबित हुई। ग्राम चितगुवा से निकली सड़क जो कि मध्य प्रदेश को जोड़ने का शॉर्ट रास्ता के साथ ही रतनगड माता मंदिर एवं पीताम्बरा मंदिर जाने का मुख्य मार्ग के समान है जिस पर आवागमन काफी ज्यादा रहता है ऐसे में नहर विभाग की उदाशीनता के चलते लोगो की जान पर बन आई है। बही पुल एक मोड़ पर स्थित है जिस पर गति होने के कारण बाहन चालक समझ नही पाते है। रैलिंग के साथ स्पीड ब्रेकर दौनो साइड होना आवश्यक है।