कौन कहता है मरने के बाद गुम हो जाता है इतिहास,एक अनोखा स्थान जहां मरने के बाद भी वैद्य जी करते हैं इलाज।रिपोर्ट-इदरीश बाबा
झाँसीदर्शन की टीम सच्चाई का पता लगाने जब उस स्थान पर पहुंची तो देखा।कि एन एच 27 हाईवे राष्ट्रीय मार्ग से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर बीच खेतों में बेतवा नहर के पास स्थित रायसनिया बाबा का एक स्थान बना हुआ है।जहाँ आज रबिबार को हजारों लोग आ जा रहे थे ।सभी श्रद्धालु अपने -अपने हाथों में प्रसाद और नीम के झोंके लिए दिखयी दिए। जब इस बारे में मन्दिर की कमेटी के अध्यक्ष से बात की तो उन्होंने बताया वर्षो पहले थाना चिरगांव क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग में एक बैध जी ग्राम वासियों और बाहर से आने वाले लोगों का इलाज किया करते थे ।जब उनकी मौत हो गई ।तो उनका उनके ही खेत में अंतिम संस्कार बर्षो पहले कर दिया गया था।जब यह बात बाहर से आने वाले मरीजों को पता चली। तो वह उनकी समाधि पर जाकर प्रार्थना कर और वहां नीम का झोंका रखकर बैठ जाते थे, और कुछ देर बाद परिक्रमा लगाकर घर चले जाते थे जिससे लोगों का मानना है कि उनके शरीर में कैंसर फोड़ा फुंसी जैसी बीमारी धीरे धीरे ठीक होने लगती है। आज यहां लोगों का हजारों की तादाद में आना-जाना बना रहता है