कृपया मदद करें !5किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे जिला अस्पताल,गरीब भाई अपनी बहन का विकलांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए हैं परेशान
झांसी बुंदेलखंड l योगी आदित्यनाथ जी की योजनाएं तो संपूर्ण सभी के लिए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर इनकी हकीकत क्या है जो बड़े ही कठिन और कठिनाई के मार्ग से गुजरती हैं l आज ऐसी ही एक मुलाकात ग्राम खतौरा पोस्ट घाटकोटरा तहसील मऊरानीपुर जिला झांसी के वीरेंद्र और उनकी बहन रामकुंवर से हुई l वीरेंद्र ने बताया कि मैं जहां जिस ग्राम में रहता हूं वहां से मुझे झांसी के जिला अस्पताल आने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ता है उसके बाद कोटरा से टेंपो को पकड़कर मऊरानीपुर बस स्टैंड से झांसी आना पड़ता है l ऐसा वह दो बार और विकलांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए झाँसी आ चुके हैं जिला अस्पताल ने उन्हें दो बार टरका दिया है l वही जब हमने वीरेंद्र से पूछा कि आप कितने बजे पहुंचते हैं विकलांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए तो वीरेंद्र ने बताया हम लगभग 1:00 बजे पहुंच जाते हैं और अस्पताल वाले हमें जल्दी बुलाते हैं l अब हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं या इतने अच्छे संसाधन नहीं हैं और हम कितनी भी कोशिश करें वहां से यहां तक आने में हमें समय तो लग ही जाएगा l लेकिन कहते हैं कि गरीबों का कोई सहारा नहीं होता l गरीबों की कोई सुनवाई नहीं होती है l यदि यह लोग पैसे वाले होते तो शायद अभी तक इनका काम हो चुका होता l वही इनके घर में रूपा देवी, कुंदन और किरण भी विकलांग हैं l वही वीरेंद्र ने बताया कि मेरे घर में सब मिलकर नो लोग विकलांग हैं और मैं जब भी अपने गांव से विकलांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए जाता हूं तो मुझे मना कर दिया जाता है l वही वीरेंद्र ने बताया कि मेरी बहन रामकुंवर जिसकी शादी भी विकलांग घर में हुई थी और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं l गरीबी के कारण पति ने सही ढंग से अपनी पत्नी को नहीं रख पा रहे हैं l हम सभी की आर्थिक स्थिति बड़ी ही दयनीय हो गई है l वही वीरेंद्र के पिता और मैं भी बीमारी स्थिति में रहते हैं और यदि कभी सही हो जाते हैं तो वह मेहनत मजदूरी कर लेते हैं l इनके पास खेती के लायक तो भूमि हैं लेकिन अन्य संसाधनों की व्यवस्था ना होने के कारण वह कम पैसे में दूसरों को दे देते हैं l
वही वीरेंद्र ने बताया कि आज के युग की आधार कार्ड राशन कार्ड एवं बिजली का कनेक्शन जैसी आम सुविधाएं हमारे पास नहीं है और राशन कार्ड बनवाने के लिए मैं कई बार मऊरानीपुर गया लेकिन हर बार मुझे वहां से भगा दिया गया l अब इस परिवार की कैसे मदद होगी देखना यह है l झाँसी शासन को सरकार बातें तो बड़ी-बड़ी करती है लेकिन यदि काम भी बड़े बड़े होते तो इस तरह के व्यक्तियों को परेशान नहीं होना पड़ता l अधिकारियों का रवैया कैसा है यह एक आम आदमी ही बता सकता है लेकिन सरकार कितनी गंभीर हैं यह अब आम जनमानस को मालूम चल रहा है l
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