हमीरपुर एआरटीओ कार्यालय का फर्जीवाड़ा आया सामने:रि.नेहा वर्मा
ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार
एआरटीओ कार्यालय हमीरपुर में चल रहा फर्जीवाड़ा उस समय खुलकर सामने आया जब करीब 20 माह पूर्व चोरी गई बाइक का एआरटीओ आफिस से दूसरे के नाम रजिस्टे्रशन कर दिया गया। पुरानी डेट में सेकंड रजिस्टे्रशन करते हुए कागजात भी थमा दिये गये। पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर कार्यवाही की मांग की ।
कोतवाली क्षेत्र के अमगांव निवासी रामजीवन पुत्र मलखान ने बताया कि उसने बीते 23 फरवरी सन् 2009 में अंकित मोटर्स से हीरो होण्डा सीडी डीलक्स बाइक खरीदी थी। जिसका पंजीयन 6 मार्च 2009 को एआरटीओ विभाग हमीरपुर में कराया था। बताया कि वह पड़ाव चौराहा से 18 अक्टूबर सन् 2016 को उसकी बाइक चोरी हो गई थी। जिसकी कोतवाली में शिकायत करने के साथ ही आनलाइन भी शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि वर्तमान में यह बाइक जराखर गांव निवासी जयराम पुत्र कड़ोरा के पास है। जयराम ने बताया कि उसने बारह खंभा चौराहा स्थित एक दुकान से बाइक खरीदी थी। जयराम अपने नाम से एआरटीओ कार्यालय हमीरपुर द्वारा दिया गया बाइक का कम्प्यूटरीक्रत पंजीयन भी दिखा रहा है जो 2 मार्च 2009 का बना है। जबकि सन् 2009 में एआरटीओ आफिस कम्प्यूटरीक्रत भी नहीं था तथा उस समय हाथ से बने पंजीयन के कागजात उपलब्ध होते थे। पीड़ित ने जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में उक्त पंजीयन प्रमाणपत्र की जांच एआरटीओ आफिस से कराते हुए उसे बाइक दिलाये जाने की मांग की।