गाँधी जी, शास्त्री जी के आदर्शों, मूल्यों को याद कर अमल भी करें
मंडलायुक्त ने महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया नमन
झांसी: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयन्ती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजकीय भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा कार्यालयों, विद्यालयों व अन्य संस्थाओं में महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये गये। इसके साथ ही महात्मा गांधी जी के जीवन, उनकी देश सेवा, जीवन-मूल्यों, अन्त्योदय की अवधारणा तथा राष्ट्रीय एकता व अखण्डता पर प्रकाश डाला गया।
मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने कमिश्नरी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। अपर आयुक्त प्रशासन उमाकांत त्रिपाठी, अपर आयुक्त न्यायिक श्रीमती प्रियंका सिंह ने भी दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। महात्मा गांधी जी के प्रिय भजन-‘‘वैष्णव जन तो तेने कहिये‘‘ एवं ‘‘रघुपति राघव राजा राम‘‘ का गायन किया।
मंडलायुक्त ने अपने संबोधन के दौरान दोनों महापुरुषों को नमन करते हुए महात्मा गांधी जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सब महात्मा गांधी जी के आदर्शों, मूल्यों को याद करते हुए अपनी सामर्थ्य के अनुसार अमल भी करें। गाँधी जी ने पहला मूल संदेश- करुणा का संदेश दिया। दुसरे की पीड़ा के प्रति संवेदनशीलता को समझने वाला व्यक्ति करुणामयी हो जाएगा। गाँधी जी की वाणी मे प्रताप था, तेज था।
मंडलायुक्त ने कहा कि हम सभी को मन, वचन और कर्म से सही कार्य करना चाहिए। आज का दिन अपने अन्दर झांकने का दिन है। हम किसी भी सरकारी पद पर कार्यरत हैं सत्य बोलने के साथ ही दुखियों के सहयोगी बनें। आज के समय में व्यक्ति अनावश्यक झूठ बोलता है, एसे व्यक्तियों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार काला जरूर जाना चाहिए, तब उन्हें पता चलेगा कि आजादी का मतलब क्या होता है।
महात्मा गांधी जी ने जीवन भर सत्य व अहिंसा का पालन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी साधारण परिवार से थे। प्रधानमंत्री के रूप में छोटे कार्यकाल में भी एक अहम छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को इन दोनों महापुरुषों के जीवन दर्शन एवं सिद्धांतों को अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम मे सेवानिवृत्त उपनिदेशक राजकीय संग्रहालय एसके दुबे, डॉ पीके दीक्षित व लतीफ अहमद ने गाँधी जी के प्रिय भजन और देशभक्ति गीतों पर बाँसुरी की सुरीली आवाज से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
मण्डलीय सांख्यिकी अधिकारी मनोज तिवारी ने भी दोनों महापुरुषों के जीवन दर्शन एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कमिश्नरी परिवार के सभी अधिकारी, कर्मचारी गण द्वारा गाँधी जी और शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किये ।