नो दिन सेवा के बाद मातारानी के जवारों को माता रानी को किया गया भेँट
पूँछ झाँसी चैत्र नवरात्रि के अवसर पर लोगो द्वारा भारी श्रद्धा के साथ अपने इष्ट देवता की पूजा की नवरात्रि खासकर माता रानी को समर्पित है को श्रद्धालूओं के द्वारा अपनी मन्नत के अनुसार घरों में मातारानी के जवारों को बोया गया था बताते चले कि जवारों के समय नो दिन तक उपवास एवं सुबह शाम के होम करने के बाद नमे दिन ग्राम में भृमण के बाद जिस स्थान के लिए बोए गए थे वहां समर्पित कर दिए जाते है जिसके क्रम में कस्बे के मोहन लक्षकार व रामेश्वरम पांचाल के घर मातारानी के जवारो को बोया गया था जिन्हे नवमी के दिन ग्राम की बड़ी माता मन्दिर एवं मरई माता मंदिर पर समर्पित किया गया बही नगर फेरी में स्थानीय भजन कलाकारों द्वारा माता रानी के सुन्दर भजनों की प्रस्तूति दी।