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माँ जालौन देवी अपने भक्तों की हर मनोकामना करती है पूर्ण

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Apr 9, 2022

माँ जालौन देवी अपने भक्तों की हर मनोकामना करती है पूर्ण

 

बुंदेलखंड के जालौन में यमुना नदी के किनारे अलग-अलग पहाड़ों पर बने ऐतिहासिक एवं प्राचीन शक्तिपीठ मंदिरों की अलग पहचान व मान्यताएं हैं। जिन की प्राचीनता का अनुमान लगाना बेहद ही मुश्किल है।

जलौनी देवी में चैत्र एवं शरदीय नवरात्रि में भव्य मेले का होता है आयोजन।

श्रद्धालुओं में जलौनी देवी पर अटूट विश्वास बना हुआ है। वैसे तो बुंदेलखंड के कोने-कोने से श्रद्धालु आए दिन मंदिरों पर आकर जलौनी देवी पर मत्था टेकने के साथ मन्नते भी मांगते हैं और उनकी सभी मनोकामना भी पूरी होती है।

बता दे कि जालौन के रामपुरा ब्लॉक में जलौनी देवी से प्रसिद्ध यह मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है जालौन के मुख्यालय उरई से इसकी दूरी 65 किलोमीटर है।

यहाँ से निकली यमुना नदी किनारे पहाड़ों पर बसी माँ जलौनी देवी पहाड़ पर विराजमान हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन, पुराना है। पहाड़ में जलौनी देवी के मंदिर के साथ ही दूसरी तरफ एक प्राचीन हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है। चैत्र व शारदीय नवरात्रि के मौके पर दूर-दराज से भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की सीढ़ियों पर अपना मत्था टेकने के लिए जरूर आते हैं।

देवी जलौनी पहाड़ पर विराजमान हैं और यह मंदिर सदियों पुराना बताया जाता है । और नवरात्रि में मैया के मंदिर में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों से आने वाले भक्तों की भीड़ माता के दर्शनों के लिए उमड़ती है।

वही मंदिर के पुजारी मदन महाराज ने बताया की जलौनी देवी मंदिर में दूर -दूर से श्रदालु यहाँ पहुचते है और जो एक बार भी यहाँ आता है उसकी हर मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती है।

रामपुरा ब्लॉक प्रमुख अजित सिंह सेंगर (बेरा) चरण सेवक ने बताया की जिस तरह से माँ अपने बच्चो का पालन पोषण करती है उसी तरह माँ जलौनी देवी अपने भक्तों का पालन पोषण करती है कोई भी माँ के दरबार से कभी भी खाली हाथ नही लौटता।

रविकांत द्विवेदी, जालौन-यूपी

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