*जालौन में दबंगों का कहर, दलित समाज के लोगों को दे रहे धमकी, जमीन बेचो नहीं तो जबरन कर लेंगे कब्जा*
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Dec 31, 2021
*जालौन में दबंगों का कहर, दलित समाज के लोगों को दे रहे धमकी, जमीन बेचो नहीं तो जबरन कर लेंगे कब्जा*
*0 दलित समुदाय के लोगों ने मकान बेचने के चस्पा किये पोस्टर*
*0 पीड़ितों ने की प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत, लेकिन अधिकारियों ने नहीं की सुनवाई*
योगी सरकार विज्ञापन के जरिये लगातार प्रचार प्रसार कर रही है कि 2017 के पहले लोगों को दबंगों के कहर के कारण अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ता था, लेकिन 2017 के बाद से लोगों की घर वापसी हो रही है, लेकिन योगी सरकार के विज्ञापनों की हकीकत कुछ और ही है। जालौन में दबंगों के कहर के कारण दलित समाज के लोगों को अपने घरों को मजबूरी में बेचना पड़ रहा है, जिसको लेकर दलित समाज के लोगों ने अपने घर के बाहर पोस्टर चस्पा कर दिये हैं। यह मामला माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम मिहोनी का है। यहां के रहने वाले दलित समाज के आसाराम, गोलू और गजेंद्र ने बताया कि यहां के दबंग ठाकुर उनकी जमीन को जबरन कब्जा करने की फिराक में है और आये दिन धमकी देते हैं कि जमीन बेच दो नहीं तो उस पर कब्जा कर लिया जाएगा, कई बार इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में कोई भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा सुनवाई न किए जाने पर दलित समाज के लोगों ने अपने घर के बाहर पोस्टर चस्पा कर दिए हैं, जिसमें स्पष्ट रुप से लिखा गया है कि दबंग ठाकुर द्वारा उत्पीड़न व प्रताड़ित किए जाने से भयभीत दलित परिवारों के लोग गांव से मकान व जमीन बेचकर जाने पर मजबूर है, क्योंकि आए दिन खेत-हार जाने पर रास्ते में ठाकुर समाज के लोगों द्वारा धमकी दी जाती है, शासन प्रशासन हमारी नहीं सुन रहा है। इस पोस्टर की चस्पा होने से योगी सरकार के उस विज्ञापन पर सवाल उठने खड़े हो गए हैं, जिस विज्ञापन का समाचार पत्रों और टेलीविजन पर प्रचार प्रसार किया जा रहा है कि 2017 के बाद से दबंगों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के कारण पलायन करने वाले लोगों की घर वापसी हो रही है, लेकिन मिहोनी गांव के दलित समाज के लोगों ने सरकार की पोल खोलकर रख दी है, ऐसे में अब जिला प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़ा हो रहा है कि आखिर प्रशासन द्वारा दलित समाज के लोगों की क्यों मदद नहीं की जा रही है। वहीं इस मामले में माधौगढ़ के एसडीएम राजेश कुमार सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन वह गांव में जाकर मामले की जांच कराएंगे, यदि ऐसा मामला है, तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।