आरटीओ ऑफिस में आर आई की जगह काम कर रहे चपरासी व प्राइवेट कर्मचारी,रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी
राजस्व वसूली में लक्ष्य के सापेक्ष आसपास भी नहीं पहुंच सके एआरटीओ
जालौन के उरई में संभागीय परिवहन अधिकारी एआरटीओ कार्यालय में दलालों का मकड़जाल इस कदर छाया हुआ है कि आम आदमी उस मकड़जाल के भीतर कभी नहीं पहुंच सकता। ताज्जुब की बात तो यह है कि आरटीओ ऑफिस में आर आई की जगह फिटनेस एवं अन्य कार्यो को चपरासी व प्राइवेट कर्मचारी कर रहे हैं। सुबह से शाम तक एआरटीओ कार्यालय में दलाल चक्कर लगाते रहते हैं। जिससे अपने वाहनों का लाइसेंस या अन्य किसी कार्य के लिए अगर कोई व्यक्ति आता है तो उसको ऑफिस पहुंचने से पहले ही दलाल रोक लेते है। आपको बता दें कि एआरटीओ परिवहन सौरभ कुमार राजस्व वसूलने में लक्ष्य के सापेक्ष आसपास भी नहीं पहुंच पाए सूत्रों की माने तो 475 लाख का टारगेट था लेकिन 75 करोड़ भी राजस्व के खाते में नहीं पहुंच सका। मालूम हो कि बुंदेलखंड के जनपद जालौन को खनन का सबसे बड़ा हब माना जाता है। यहां से प्रतिदिन लगभग हजारों बालू और गिट्टी से भरे ट्रक निकलते हैं जिसमें सैकड़ों ट्रक ओवरलोड होते हैं लेकिन दलालों के मकड़जाल में उलझे एआरटीओ की नाक के नीचे से यह सब निकल जाता है। मजे की बात तो यह है कि आरटीओ ऑफिस में आर आई की जगह प्राइवेट कर्मचारी व चपरासी कार्य कर रहे हैं जो मनमानी तरीके से लोगों का शोषण कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार सबसे अधिक खनन क्षेत्र होने के बावजूद भी राजस्व के मामले में जनपद जालौन 29 वें नंबर पर रहा है।