मैक्स हॉस्पिटल की नारायण हॉस्पिटल में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों के लिए खुली झाँसी में विशेष ओपीडी,फैटी लिवर रोग…..
फैटी लिवर रोगों से तकरीबन 10 फीसदी भारतीय पीड़ित होते हैं, जिनका इलाज संभव है
झांसी, 9 दिसंबर, 2021: दिल्ली का अग्रणी स्वास्थ्य संस्थान मैक्स सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल, पटपड़गंज ने आज झांसी में नारायण हॉस्पिटल के साथ भागीदारी करते हुए गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों और लिवर ट्रांसप्लांट के लिए अपनी ओपीडी सेवाएं शुरू की।
आज से शुरू ये ओपीडी सेवाएं हर महीने के पहले बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। इन ओपीडी सेवाओं के होने से झांसी और आसपास के हर उम्र और पृष्ठभूमि के मरीजों को दूसरे शहरों में जाने के झंझट से बचते हुए सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरी सलाह और इलाज की सुविधाएं मिलेंगी। यहां विशेषज्ञों द्वारा लिवर, पैनक्रियाज और बिलियरी रोगों संबंधी सलाह और इलाज की व्यवस्था रहेगी।
फैटी लिवर रोगों से पीड़ित लोगों की संख्या खतरनाक रफ्तार से बढ़ रही है। यहां तक कि हर पांच में से एक व्यक्ति के लिवर में अतिरिक्त फैट पाया जाता है और हर 10 में से कम से कम एक व्यक्ति फैटी लिवर रोग का शिकार है। लंबे समय तक इसका इलाज नहीं होने से लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर तक की नौबत आ सकती है। पिछले साल भारत में कैंसर से होने वाली हर तरह की मौतों में लिवर कैंसर का 7 फीसदी योगदान रहा और कैंसर संबंधी मौत के लिए इसे चौथा सबसे बड़ा कारण माना गया।
मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अमित जैन ने कहा, ‘लिवर रोग, पैनक्रियाज, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, फैटी लिवर तथा हेपेटाइटिस के मामले खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर ऐसे मामले होते हैं जिनका यदि शुरुआती चरण में ही पता चल जाए तो इलाज और बचाव संभव है। मरीजों में इससे संबंधित लक्षणों का पता तभी चल पाता है जब 70 फीसदी लिवर काम करना बंद कर देता है। जो लोग गंदगी, गंदे पानी और हेपेटाइटिस बी तथा सी जैसे लिवर रोगों के सर्वाधिक मामलों वाले क्षेत्रों में रहते हैं, उन्हें लिवर संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। लिहाजा शुरुआती स्टेज में ही लिवर रोग की डायग्नोसिस और उचित तरीके से इलाज कराना ही इससे सफलतापूर्वक निजात पाने में अहम माना जाता है यदि इस स्टेज तक लिवर क्षतिग्रस्त होने की स्थिति न आई हो।’
डॉ. अमित बताते हैं, ‘लिवर रोगों के एडवांस्ड स्टेज में पहुंच चुके गंभीर मरीज इलाज के अन्य तरीकों से तंग आने के बाद या लिवर कैंसर की स्थिति में ही हमारे पास आते हैं। ज्यादातर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीज बहुत कमजोर हो चुके होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक लिवर रोग भारत में होने वाली मौंतों का दसवां सबसे बड़ा कारण है। हमारी ओपीडी में आने वाले मरीजों को हम स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने तथा स्वस्थ खानपान रखने की भी सलाह देते हैं ताकि उनकी परेशानी और न बढ़ने पाए।’
यह ओपीडी झांसी की स्वास्थ्य सुविधाओं में बहुमूल्य योगदान करेगी जहां शहर के लोगों को अपने घर के पास ही विश्व स्तरीय इलाज सुविधाएं मिल जाएंगी। इन सेवाएं में परामर्श एवं जांच तथा इलाज की संपूर्ण जानकारी दी जाएगी।