आयुष्मान गोल्डन कार्ड, पुरुष नसबंदी, और टीकाकरण,पहले लक्ष्य निर्धारित करें, उसके बाद कार्य करें- जिलाधिकारी
** आयुष्मान गोल्डन कार्ड, पुरुष नसबंदी, और टीकाकरण पर दे विशेष ध्यान
** जिलाधिकारी ने प्रारूप साझा कर तीन दिन में मांगी संबन्धित जानकारी
स्वास्थ सेवाओं की समीक्षा के लिए शुक्रवार को विकास भवन स्थित सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद में चल रहे समस्त कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। बैठक का संचालन कर रहे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ अनिल कुमार ने गत माह डीएचएस में दिये गए निर्देशों पर की गयी कार्यवाई के बारें में जिलाधिकारी को अवगत कराया।
जिलाधिकारी एक प्रारूप के साथ बैठक में आए, जिसके बारें में उन्होने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये। जिलाधिकारी के अनुसार वर्तमान में जनपद आयुष्मान गोल्डन कार्ड, पुरुष नसबंदी (परिवार नियोजन) और कोविड एवं नियमित टीकाकरण में पीछे चल रहा है, जिसपर उन्होने सभी अधिकारियों को कार्यक्रम से संबन्धित प्रारूप थमाते हुये आगामी तीन दिनों में उससे संबन्धित जानकारी मांगी है। उन्होने कहा कि ईमानदारी से यह जानकारी साझा की जाए, इसके बाद कार्य योजना बनाकर इन बिन्दुओं पर प्रशासन स्टर पर कार्य किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड से लेकर परिवार नियोजन के फ़ायदे संबन्धित पैम्फलेट और जानकारी सार्वजनिक स्तर पर चस्पा किए जाएँ। जिससे कि जन जन तक सही जानकारी पहुंचे और वह सेवा के लिए आयें। आयुष्मान गोल्डन कार्ड के विषय में संबन्धित लाभार्थियों के नाम की लिस्ट पंचायत भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि जगह पर लगायी जाए, वहीं परिवार नियोजन के संबंध में पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए इसकी जानकारी से संबन्धित पैम्फलेट मनरेगा मजदूरों और क्रेशर मजदूरों को वितरित किए जाएँ।
इसके अलावा टीबी निक्षया पोषण योजना के भुगतान के लिए जिला क्षयरोग अधिकारी व जननी सुरक्षा योजना के भुगतान के लिए मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों को सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिये कि सरकारी तंत्र में आने वाले लाभार्थी की मोनिट्रिंग हो रही हैं, वहीं प्राइवेट में आने वाले लाभार्थी की भी मोनिट्रिंग की जाए, उन्हें उचित लाभ मिल रहा है या नहीं इसको भी रेखांकित किया जाए।
इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ एन के जैन, डॉ॰ रमाकांत, डॉ॰ रविशंकर, डॉ रेनू तरैया बरौनीया व डीपीएमयू के सदस्य सहित समस्त एमओआईसी व अन्य चिकित्सक, विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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