जिला विकास समन्वय एवं निगरानी दिशा समिति की बैठक विकास भवन सभागार में हुई आयोजित
जालौन:-सांसद/ केंद्रीय राज्यमंत्री सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम भानुप्रताप सिंह वर्मा की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी दिशा समिति की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण तथा स्वीकृत कार्यों का शिलान्यास व उद्धघाटन कराएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा के क्रम में सभी सड़कों को शीघ्र ही गड्ढामुक्त कराने के संबधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद में वैक्सीनेशन का कार्य तेजी से किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव हो या शहर कोई भी व्यक्ति वैक्सीनेशन से छूटना नहीं चाहिए सत प्रतिशत जनपद में वैक्सीनेशन कराया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि आप लोगों के माध्यम से भी वैक्सीनेशन कैंप लगाया जाए और अधिक से अधिक गांव में वैक्सीनेशन कराया जाए।उन्होंने कहा कि जनपद की सभी तहसीलों एवं विकास खंडों में कैंप लगाकर श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन कराने तथा पंफलेट छपवाकर शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाए साथ ही जन कल्याणकारी योजनाओं से पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाए।उन्होंने 30 बिंदुओ की समीक्षा की इसके अलावा पेंशन योजनाएं, प्रधानमन्त्री आवास ग्रामीण एवं शहरी, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सड़कों पर ओवरलोड वाहन किसी भी स्तर पर न चलने पाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सघन चेकिंग की जाए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्युत विभाग का दफ्तर समय से खोलें और सुबह 10 बजे से 12 बजे तक किसानों की शिकायतों को सुने और उन शिकायतों को समय पर निस्तारण करें इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए ऐसे करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, विधायक सदर गौरीशंकर वर्मा, विधायक माधौगढ़ मूलचंद सिंह निरंजन, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभय कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक एके दीक्षित, जिला विकास अधिकारी डॉक्टर सुभाष चंद्र त्रिपाठी, सहित जनप्रतिनिधि व जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।