कोरोना संक्रमण महामारी की मार पिछले दो सालों से झेल रहे कारीगरों को इस बार भी निराशा ही हाथ लगी है। लगातार तीसरी साल नहीं होगा जनपद जालौन के जालौन नगर में स्थित बाराहीं देवी मेला मैदान में रावण दहन आपको बताते चलें कि जनपद जालौन के जालौन नगर क्षेत्र में रावण,मेधनाथ,आदि के पुतले बनाने वाले क़ासिम चच्चा इस बार काफी मायूस दिखाई दिए जब हमने उनसे बात की तो उन्होंने कहा कि अब तो हालत भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। उनके कोई बेटा नहीं है इसलिए अपने दामाद को सहारे के लिए अपने पास रखें हुए हैं। और वह जो कमाकर लाता है तथा खुद साइकिलों के पंचर बनाकर जो आमदनी हो जाती है उससे घर गृहस्थी का खर्च चल रहा है। पहले पुतले बनाने के आर्डर काफी ज्यादा और दूरदराज से मिल जाते थे तो महीनों पहले से काम में जुट जाते थे परन्तु अब हालात बदल गए हैं और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं हुनरमंद कारीगर।