विभिन्न आपराधिक वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करायें: डीएम
एक व्यक्ति पर 02 से अधिक शस्त्र लाइसेंस नहीं होने चाहिए
झाँसी: जिला मजिस्ट्रेट आंद्रा वामसी ने विकास भवन सभागार में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए जनपदीय न्यायालयों में अभियोजन पक्ष की ओर से निर्गत वादों, जमानत, पक्षकार, गवाहों संबंधी मामलों में निर्देश दिए कि विभिन्न प्रकार के आपराधिक वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो जिस श्रेणी का वाद है उसके लिए प्राविधानित दण्ड भी सुनिश्चित करायें, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रत्येक जिला शासकीय अधिवक्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्तावार गुंडा एक्ट, आर्म्स, बलात्कार, छेड़खानी, रेप, मर्डर आदि के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए।
जिलामजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप एक ही व्यक्ति पर 02 से अधिक शस्त्र लाइसेंस नहीं होने चाहिए, इसकी थानावार आर्म्स रजिस्टर की गहनता से परीक्षण जरूरी है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन बी प्रसाद, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला शासकीय अधिवक्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्तागण उपस्थित रहे।