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रेलटेल ने देश भर के 6000 स्टेशनों पर सार्वजनिक वाई-फाई उपलब्ध कराने का
कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, पूर्ब मध्य रेलवे जोन का हजारीबाग रेलवे
स्टेशन सार्वजनिक वाई-फाई वाला देश का 6000 वां स्टेशन बन गया है । यह
वाई-फाई प्रति दिन उपयोग के पहले 30 मिनट के लिए निःशुल्क है।
रेल मंत्रालय द्वारा रेलटेल को रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक वाई-फाई उपलब्ध कराने
का कार्य सौंपा गया था। वीज़न था कि रेलवे प्लेटफॉर्म को डिजिटल समावेश के एक
प्लेटफॉर्म में बदलना। जनवरी 2016 में मुंबई सेंट्रल स्टेशन से यात्रा शुरू हुई थी और
64 महीनों की अवधि में रेलटेल ने देश भर के 6000 स्टेशनों पर वाई-फाई को
सफलतापूर्वक उपलब्ध करा दिया है। प्रति दिन, औसतन 3 स्टेशनों पर वाई-फाई
सुविधा से सज्जित किए गए थे।
हालांकि 2020 में कोविड महामारी को नियंत्रित करने के लिए कुछ महीनों के लिए
राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण काम रोक दिया गया था । रेलटेल को कार्य को
निष्पादित करने के लिए उपकरणों की आपूर्ति और मैनपावर की कमी जैसे कई मुद्दों
का सामना करना पड़ा। हालाँकि, जब एक बार लॉकडाउन हटा लिया गया और
रेलटेल ने नए जोश के साथ कार्य पुनः प्रारंभ कर दिया।
सभी (हाल्ट स्टेशनों को छोड़कर) रेलवे स्टेशनों को वाई-फाई उपलब्ध कराना मिशन
है और लक्ष्य तक पहुंजने में कुछ सौ स्टेशन शेष हैं । शेष स्टेशन देश के दूरदराज के
हिस्सों के बहुत छोटे स्टेशन हैं। ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण,
निष्पादन में अधिक समय लग रहा है लेकिन रेलटेल की टीम जल्द से जल्द इस कार्य
को पूर्ण करने का पूरा प्रयास कर रही है।
रेलटेल के खुदरा ब्रॉडबैंड सेवा रेलवायर के ब्रांड नाम के अंतर्गत वाई-फाई उपलब्ध
कराया जा रहा है। यात्री इस सुविधा का उपयोग हाई डेफिनेशन(एचडी) वीडियो,
फिल्मों के डाउनलोड, गाने, गेम डाउनलोड करने के लिए करते हैं और ऑनलाइन
अपने कार्यालयों का कार्य करते हैं। इसे उपयोगकर्ताओं को सर्वश्रेष्ठ इंटरनेट अनुभव
प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया, रेलवे स्टेशनों पर रेलवायर वाई-फाई किसी
भी उस उपयोगकर्ता के लिए उपलब्ध होगा, जिसके पास केवाईसी कन्सिड्रेशन वाला
मोबाइल कनेक्शन का स्मार्टफोन है।
वाई-फाई नेटवर्क की सफलता के बारे में बात करते हुए, श्री पुनीत चावला, सीएमडी
/ रेलटेल ने कहा, “रेलटेल ने इस नेटवर्क के निर्माण में काफी मात्रा में कैपेक्स का
निवेश किया है और इसका मुद्रीकरण करने के लिए हमने सभी वाई-फाई स्टेशनों
पर सशुल्क वाई-फाई योजना शुरू की है। 1 एमबीपीएस की दर 30 मिनट के नि:
शुल्क उपयोग के बाद उपयोगकर्ता को नाममात्र शुल्क का भुगतान करके उच्च गति
वाई-फाई के लिए प्रीपेड योजनाओं को खरीदना होगा। हम विज्ञापन आधारित
राजस्व के माध्यम से नेटवर्क का मुद्रीकरण करने जा रहे हैं जिसके लिए हम शीघ्र ही
“एक ईओआई के साथ आ रहे हैं।”
ये प्रीपेड प्लान जीएसटी को छोड़कर 10 रु. / दिन (5 जीबी @ 34 एमबीपीएस के
लिए) से 75रु./30 दिन (60 जीबी @ 34 एमबीपीएस के लिए) के होंगे।
ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए नेट बैंकिंग, वॉलेट, क्रेडिट कार्ड जैसे कई भुगतान
विकल्प का उपयोग किया जा सकता है।
हालांकि लॉकडाउन और कम ट्रेन परिचालन के कारण, स्टेशन वाई-फाई का उपयोग
कम हो गया है, लेकिन पूर्व महामारी काल में, जब ट्रेनों का परिचालन सामान्य था,
हमें उपयोगकर्ताओं से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली थी। हमने वित्तीय वर्ष 2020 में
प्रति माह औसतन 30.01 मिलियन उपयोगकर्ता लॉगिन, और वित्तीय वर्ष 2020 में
प्रति माह औसतन 9,262 टीबी कुल डेटा खपत दर्ज किया था। वित्तीय वर्ष 2020
में प्रति उपयोगकर्ता औसत डेटा उपयोग प्रति माह 577 एमबी था।
यह एक अनूठी पहल थी क्योंकि यह वाई-फाई नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े वाई-फाई
नेटवर्क में से एक है। हाई-स्पीड वाई-फाई के उपयोग से ग्रामीण और शहरी भारत के
बीच डिजिटल अंतर को पाटने में मदद मिलेगी। लोगों की मदद करने वाले स्टेशनों
पर वाई-फाई की कई दिल को छू लेने वाली कहानियां थीं। केरल में एक कुली ने
केरल सिविल सेवा परीक्षा के लिए अध्ययन करने के लिए स्टेशन वाई-फाई का
उपयोग किया, मुंबई में कैंसर के रोगी अपना मनोरंजन करने के लिए स्टेशन वाई-
फाई का उपयोग करते हैं या माँ ने अपने बेटे को स्टेशन वाई-फाई का उपयोग करके
सामग्री डाउनलोड करके अध्ययन करने में मदद की ऐसे कुछ उदाहरण हैं। छात्र
अपने प्रतीक्षा समय का उपयोग अध्ययन सामग्री डाउनलोड करने के लिए करते हैं,
वेंडर इस सेवा का उपयोग डिजिटल भुगतान लेनदेन के लिए करते हैं, दैनिक यात्री
स्टेशन पर अपने समय का उपयोग नए कौशल सीखने या नेट सर्फिंग के लिए करते हैं
-यह वाई-फाई इन लोगों के लिए एक वरदान रहा है जो अन्यथा खराब कनेक्टिविटी
जैसे मुद्दों से प्रभावित होते हैं।
एलटीई के गैर-सर्वव्यापी कवरेज के कारण लोगों तक ब्रॉडबैंड इंटरनेट की पहुंच अभी
भी सीमित है। उपयोगकर्ताओं तक ब्रॉडबैंड एक्सेस की डिलीवरी के लिए वाई-फाई
हॉटस्पॉट अंतिम मील कनेक्टिविटी में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। माननीय
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम वाई-फाई
एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI) के फ्रेमवर्क के अंतर्गत सार्वजनिक वाई-फाई
नेटवर्क के माध्यम से ब्रॉडबैंड के प्रसार के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) के प्रस्ताव
को मंजूरी प्रदान कर दी है। पीएम-वाणी (PM-WANI) इंटरनेट खपत का बढ़ाने के
लिए एक रोमांचक अवसर है जो काम पीसीओ (PCOs) ने टेली कॉलिंग के लिए
किया था वही काम पीएम वाणी वाईफाई को सर्वव्यापी बनाने के लिए करेगी।
रेलटेल विकसित फ्रेमवर्क को बढ़ाने के लिए नियामक निकायों और उद्योग प्लेयर्स के
साथ निरंतर रुप से जुड़कर संपूर्ण पीएम-वाणी (PM-WANI) ईको-सिस्टम में एंकर
की भूमिका निभाएगी।
रेलटेल पहले से मौजूद वाई-फाई स्टेशन पर अपने पीओपी ( POPs) का उपयोग
करके आस-पास के गांवों में वाई-फाई / ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करने की भी
परिकल्पना करता है। भारत के सभी गांवों को 1000 दिनों के भीतर जोड़ने के
माननीय प्रधानमंत्री जी के मिशन के अंतर्गत, रेलटेल ने झारखंड और महाराष्ट्र के
संभाव्य गांवों को जोड़ने के लिए दूरसंचार विभाग को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जो
दूरसंचार विभाग के पास रेलटेल के पक्ष में विचाराधीन है।
मील के पत्थरः
स्टेशनों की संख्या स्टेशन का नाम रेलवे जोन
6000 हजारीबाग पूर्ब मध्य रेलवे
5500 महुआ मिलान पूर्व मध्य रेलवे
5000 मिदनापुर दक्षिण पूर्व रेलवे
4000 तिनसुकिया जं. पूर्वोत्तर सीमा रेलवे
3000 एलनाबाद उत्तर पश्चिम रेलवे
2000 राना प्रताप नगर उत्तर पश्चिम रेलवे
1500 सहिबाबाद उत्तर रेलवे
1000 रे रोड मध्य रेलवे
रेलटेल के बारे में
रेलटेल "मिनी रत्न (श्रेणी- I)" सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज, देश में सबसे बड़े
तटस्थ दूरसंचार अवसंरचना प्रदाताओं में से एक है, जो देश के कई कस्बों एवं शहरों
और ग्रामीण क्षेत्रों को कॅवर करने वाले पैन-इंडिया ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क की स्वामी
है। ऑप्टिक फाइबर के 59098 मार्गकिलोमीटर के एक मजबूत नेटवर्क के साथ-साथ,
रेलटेल के पास दो इलैक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय एम्पैनिल्ड टियर III
डेटा सेंटर भी हैं। अपने पैन इंडिया उच्च क्षमता वाले नेटवर्क के साथ, रेलटेल विभिन्न
मोर्चों पर एक नॉलेज़ सोसाइटी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और इसे दूरसंचार
क्षेत्र में भारत सरकार की विभिन्न मिशन-मोड परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए
चुना गया है । रेलटेल, एमपीएलएस-वीपीएन, टेलीप्रेजेंस, लीज्ड लाइन, टॉवर को-
लोकेशन, डेटा सेंटर सर्विसेज आदि जैसी सेवाओं का एक समूह प्रदान करती है ।
रेलटेल भारतीय रेलवे के साथ देश भर के रेलवे स्टेशनों पर पब्लिक वाई-फाई
उपलब्ध कराकर रेलवे स्टेशनों को डिजिटल हब में बदलने के लिए भी कार्य कर रही
है और कुल 6000 से अधिक स्टेशन रेलटेल के रेलवॉयर वाई-फाई से सज्जित हैं।