मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म-=रिपोर्ट -रविकांत द्विवेदी
आजकल इंसान की सोच को आखिर हो क्या गया है
इंसानियत और मानवता छोड़कर बहसी दरिंदगी की ओर बढ़ रहा है
हम ये नहीं कहते कि सभी लोगों की सोच ग़लत हो गई है
हम तो बात ऐसे लोगों की कर रहे हैं जिन्हें ना ही अपना ख्याल रहता है और ना अपनी उम्र का और ना सामाजिक मर्यादाओं का ख्याल
आज़ फिर से जनपद जालौन के माधौगढ़ नगर क्षेत्र से एक शर्मिंदगी का मामला सामने आया है जहां एक 50 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति ने अपनी नातिन की उम्र की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घिनौनी बारदात को अंजाम दिया है।
और वो भी मुहल्ले में स्थित मंदिर के पवित्र परिसर में
रक्तरंजित अवस्था में जब मासूम बच्ची ने घर पहुंच कर परिजनों को बताया तो मां बाप के पैरों तले जमीन खिसक गई।
आनन-फानन में परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और बच्ची को अस्पताल ले गए
हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फौरन मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपी की तलाश में दबिश दी और कुछ घंटे बाद उसे पकड़कर जेल भेज दिया है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक मासूम बच्चियां ऐसे दरिंदों की दरिंदगी का शिकार होती रहेगी आखिर कब आएगी लोगों के अंदर जागरुकता कब हम गर्व से कह सकेंगे कि हम है बेटियों को सुरक्षित बनाने बाले।