*पिछड़े व दलितों में शिक्षा का प्रकाश, महात्मा ज्योतिबा फूले की देन- सपा*
Neeraj sahu
आज समाजवादी पार्टी के तत्वाधान में शिक्षा की ज्योति जगाने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि बीकेडी चौराहे के पास स्थित कार्यालय पर मनाई गई। गोष्ठी आयोजन की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम खान ने की व वरिष्ठ नेता शकील खान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन पर विचार व्यक्त करते हुए महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम खान ने कहा कि अपना पूरा जीवन गरीब, दलितों, महिलाओं और शिक्षा के प्रति संघर्ष करने के लिए उन्हें समाज के सशक्त प्रहरी के रूप में आज सारा देश याद करता है। वरिष्ठ नेता शकील खान ने कहा कि “तुम्हें पीछे हटने की जरूरत नहीं, नकारो मनुवाद को, शिक्षा पाते ही सब सुख पाओगे, मानो मेरी बात को” का आह्वान करने वाले महात्मा ज्योतिबा फूले को डॉ. भीमराव अंबेडकर अपना आदर्श मानते थे। वहीं पूर्व सभासद अमित कुशवाहा ने कहा कि 11 अप्रैल 1827 में अपने पिता गोविंद राव व माता चिमनाबाई के घर जन्मे महात्मा ज्योतिबा फुले एक वर्ष के थे तब माता चिमनाबाई का निधन हो गया और दाई सगुनाबाई ने मां यशोदा बनकर ज्योतिबा फूले का पालन पोषण किया। 28 नवंबर 1890 को उनका निधन हो गया। इस मौके पर पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संतोष रायकवार, पूर्व सभासद प्रेम बाल्मिक आदि ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान अमित बंटी खटीक, अभिषेक सोनी, जैकी पहलवान, मोहम्मद फारूक शेख, पवन लहार बाल्मिक, कुनाल अहिरवार, राहुल कुशवाहा, अर्जुन यादव, मनोज कुशवाहा, अनिल साहू, राहुल मिश्रा, आदि उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन अभिषेक सोनी जैकी ने किया एवं अंत में सभी का आभार अमित बण्टी खटीक ने व्यक्त किया।