*आखिर किसके आदेश पर जनपद में फलफूल रहा गुटखे का अवैध कारोबार*?
*उरई का तुलसी नगर अवैध गुटखों का बना हब*
*निजी मकानों में ही लगा रखी है पैकिंग मशीन*
*लाॅकडाउन में भी चलता रहा तंबाखू मिश्रित गुटखा का अवैध धंधा*
*उरई* उत्तर प्रदेश में एक ओर जहाँ तंबाखू मिश्रित गुटखे की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है तो वहीं *उरई के झांसी रोड व उरई के तुलसी नगर* पर स्थित मकानों में कुंटलों की मात्रा में अवैध तरीके से तंबाखू मिश्रित *श्री सुपर, राज, यस राज, बाबा* जैसे तमाम अन्य गुटखे का कारोबार फलफूल रहा हैं सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी दरियादिली से उक्त अवैध धंधा हो रहा है। बताया जाता है कि तंबाखू मिश्रित *श्री सुपर, राज, यस राज, बाबा* जैसे तमाम के पाउच के ऊपर श्री इंटरप्राइजेज फर्मों का नाम अकेला डला हुआ है जिसमें उसका पता भी गायब है। साथ ही पाउच के ऊपर सुगंधित सुपारी भी सफेद शब्दों में प्रिंट कराया गया है ताकि अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकते हुये अपने अवैध कारोबार से इसी तरह से संचालित होता रहा। हैरानी की बात तो यह है कि वर्तमान समय में उक्त अवैध गुटखे का कारोबार झांसी रोड व उरई के तुलसी नगर से संचालित हो रहा है। जहां एक मकान में दिन भर मशीन द्वारा गुटखे की पैकिंग भी करायी जा रही है। जबकि किसी भी गुटखे के निर्माण में यदि मशीन का प्रयोग होता है तो उसकी एक्ससाइज ड्यूटी ही महीने में लाखों रुपये अदा करती होती है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के रहमो करम पर उक्त अवैध कारोबार बगैर किसी रोकटोक के संचालित हो रहा है। बताया जाता है कि अवैध तरीके से गुटखे की फैक्ट्री का संचालन करने वाला बहुत ही शातिर दिमाग है। जब एक फैक्ट्री कांग्रेस कार्यालय के पीछे संचालित होती थी उस दौरान निवर्तमान एसडीएम ने खाद्य विभाग की टीम के साथ छापामार कार्रवाई को अंजाम भी दिया था जहां से भारी मात्रा में रैपर, सिपाड़ी के साथ कई तरह का कैमीकल बरामद हुआ था। इसके बाद उसने अपना ठिकाना झांसी रोड स्थित एक अधबने मकान को बनाया तो वहां पर भी छापा मारा गया था। इसके बाद श्री सुपर गुटखा वह अपने निजी मकान में जो कि झांसी रोड क्रय विक्रय के सामने वाली गली में है वहीं पर मशीन लगाकर तंबाखू मिश्रित गुटखे का उत्पादन ही नहीं करवाता बल्कि वहीं से पहले से ही खड़े वाहनों द्वारा देर रात में सप्लाई के लिये भी रवाना किये जाते हैं। चूंकि यह सारा अवैध कारोबार रात्रि के अंधेरे में जिम्मेदारों के रहमो रकम से होता है जिससे उन्हें भी अपना दामन पाकसाफ बनाने का मौका मिल जाता है। अब देखने वाली बात तो यह होगी कि क्या जिम्मेदारों की कुंभकर्णी नींद ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगा पायेगी कि या फिर यों ही तंबाखू मिश्रित गुटखे का अवैध धंधा फलता फूलता रहेगा यह तो समय ही बतायेगा।