*तहसील गरौठा में दीप प्रजज्वलित कर मनाया वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई का जन्म दिवस।।*
ग्रामीण एडिटर कृष्ण कुमार
*चमक उठी सन सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी, बुदेले हर बोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी*
गरौठा।। महारानी लक्ष्मी बाई के जन्म दिवस पर तहसीलदार मनोज कुमार ने दीप प्रजवलित किया वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई झांसी को नमन करते हुए तहसीलदार मनोज कुमार ने बताया कि महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नबम्बर 1835 में हुआ था। उनके पिता मोरोपंत एवं अन्य सभी लोग उन्हें मनु कह कर पुकारते थे। मनु के रणकौशल की गाथा सम्पूर्ण बुंदेलखंड में विख्यात हो गई। वहीं नायब तहसीलदार दीपेंद्र ने कहा महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से डट कर मुकाबला किया। राजा की मृत्यु के बाद झाँसी की राज गद्दी को संभाला महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजो के आक्रमण का मुंह तोड़ जबाब दिया और अग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। महारानी लक्ष्मीबाई की गाथा आज भी पूरे विश्व में विख्यात है। बुंदेलखड का बच्चा बच्चा गाता है चमक उठी सन सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी, बुदेले हर बोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी। इस अवसर पर तहसीलदार मनोज कुमार, नायब तहसीलदार दीपेंद्र,आर के बाबू राम मोहन, जगदीश पाठक, आनंद बाल्मीकि, मुकेश कुमार, कानूनगो हरिशंकर खरे, नाजिर जानकी प्रसाद, गीता सिंह, अरविंद, रामकुमार पटेरिया, इस्माइल खान सहित पत्रकार बंधु मौजूद रहे।