जनपद में होंगे 945.106 किलोमीटर नहरों की सिल्ट सफाई कार्य
** कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये बीडीओ क्षेत्र में सिल्ट सफाई की करेंगे मानीटरिंग
** नहर सफाई की जानकारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी दिए जाने के निर्देश
** जो कार्य किये जा चुके है उसका प्रापर डाक्यूमेंटेशन करने के निर्देश
** नहर सफाई के कार्य जमीनी स्तर पर परलक्षित हो, मात्र कागजी कार्यवाही पर होगी सख्त कार्यवाही
** ड्रोन के माध्यम से सिल्ट सफाई के कार्य का होगा सत्यापन
झांसी: जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने विकास भवन सभागार में जनपद झांसी में वर्ष 2022-23 रबी 214 फसली नहरों की सिल्ट सफाई/स्क्रेपिंग के प्रस्तावित कार्यो के अनुमोदनार्थ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि सिल्ट सफाई/स्क्रेपिंग कार्य की जानकारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को अवश्य दी जाये ताकि भ्रमण के दौरान आपके द्वारा कार्य का सत्यापन किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न संगठन/खण्ड से सम्बन्धित 182 नहरें सिल्ट सफाई/स्क्रेपिंग के लिये प्रस्तावित है। जिनकी कुल लम्बाई 945.106 किमी है और कार्य हेतु विभागीय मद 402.752 लाख हैं। उन्होने कहा कि समस्त कार्य माह दिसम्बर 2022 तक शत-प्रतिशत गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिया जाये। नहरों की सिल्ट सफाई/स्क्रेपिंग के कार्य में पारदर्शिता हेतु किये जाने वाले कार्य की मानीटरिंग सम्बन्धित क्षेत्र के बीडीओ द्वारा की जायेगी। क्षेत्र के सम्बन्धित बीडीओ को तत्काल लाइन लिस्ट कराकर कार्य की सूची उपलब्ध कराये ताकि कार्य के प्रारम्भ होने से पूर्व फोटो, कार्य के मध्य की फोटो तथा सिल्ट सफाई/स्क्रेपिंग कार्य पूर्ण होने पर फोटो लेते हुये कार्य का डाक्यूमेंटेशन किया जा सके। जिलाधिकारी ने सिल्ट सफाई के कार्य का सत्यापन ड्रोन के माध्यम से भी कराए जाने के निर्देश दिए ताकि सिल सफाई को सुनिश्चित किया जा सके।उन्होने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने निर्देश दिए के सिल्ट सफाई हेतु प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष ऐसी नेहरों को चुना जाए जिसके आसपास रबी की फसल अधिक बोई जाती है एवं जहां अधीक्षक सिल्ट जमा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सिल्ट सफाई के कार्य को गुणवत्तापरक ढंग से किया जाए एवं कोई ऐसी शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए की सिल्ट के कारण किसी नहर में ठेल तक पानी नहीं आ रहा है, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शासन द्वारा आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष चयनित गैरों की सूची एवं चयनित ना होने वाली नेहरू की सूची को सिंचाई विभाग अपने पोर्टल पर अवश्य डिस्प्ले करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने नहरों की सिल्ट सफाई/स्क्रेपिंग के कार्य में गुणवत्ता लाने व कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये कहा कि विभिन्न विभागीय अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण के दौरान भी सिल्ट सफाई के कार्य का सत्यापन करें। सम्बन्धित क्षेत्र के बीडीओ कार्य की मानीटरिंग के दौरान यह अवश्य सुनिश्चित करें कि टेल तक सिल्ट सफाई/स्क्रेपिंग कार्य पूर्ण किया जाये। किये जाने वाला कार्य जमीनी स्तर पर परलक्षित हो मात्र कागजी कार्यवाही होने पर सम्बन्धित के विरुद्व सख्त कार्यवाही की जायेगी।
अधिशासी अभियंता बेतवा प्रखंड उमेश कुमार ने नहरों की सिल्ट सफाई की जानकारी देते हुये बताया कि नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य एक सतत् प्रक्रिया है। विभाग द्वारा विभागीय मद में स्थलीय परिस्थिति के अनुसार सिल्ट सफाई की कार्ययोजना के अनुमोदन उपरान्त गुणवत्तापूर्ण सम्पादित किया जाता है। जनपद में बेतवा नहर प्रखण्ड-प्रथम उरई, बेतवा नहर प्रखण्ड द्वितीय उरई, झांसी प्रखण्ड बेतवा नहर झांसी, माताटीला बांध प्रखण्ड झांसी, सपरार प्रखण्ड झांसी, सिंचाई निर्माण खण्ड पंचम, सिंचाई निर्माण खण्ड मऊरानीपुर में कुल 182 नहरें प्रस्तावित है, जिनमें सिल्ट सफाई/स्क्रेपिंग कार्य किये जाने है। सिल्ट सफाई हेतु प्रस्तावित नहरों की लम्बाई 945 किमी तथा कार्य में लागत धनराशि विभागीय मद ₹402.752 लाख है। सभी नहरों की कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है। उन्होने बताया कि कुछ नहरों पर कार्य जनप्रतिनिधियों द्वारा उद्घाटन कराकर प्रारम्भ भी करा दिये गये है।
उन्होंने बताया कि सभी कार्य माह दिसंबर 2022 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद सहित अधिशासी अभियंता बेतवा नहर खंड द्वितीय उरई, झांसी प्रखंड बेतवा नहर झांसी, माताटीला बांध प्रखंड झांसी, सपरार प्रखंड झांसी, सिंचाई निर्माण खंड पंचम, सिंचाई निर्माण खंड मऊरानीपुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।