* नेत्र रोगों संबंधित कैंप का आयोजन संपूर्ण समाधान दिवस में करने के निर्देश
** निर्धारित पर्चा पर दवाई ना लिखने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण लिए जाने के निर्देश
** 2 वर्षों से लगातार अनुपस्थित चिकित्सक के संबंध में रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश, शासन को दी जाएगी जानकारी
** एक्स-रे करने के दौरान रजिस्टर में मरीज का मोबाइल दर्ज न करने पर नाराजगी, मरीज का मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज करें
** लगभग 12000 मरीजों का सफल ऑपरेशन एवं चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने पर नेत्र चिकित्सकों की प्रशंसा, बढ़ाया मान
आज जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा ने जिला चिकित्सालय झाॅसी का आकस्मिक निरीक्षण किया।
जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने उपस्थित चिकित्सकों से कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की प्रबल इच्छा है कि स्वास्थ्य सेवाएं बिल्कुल जमीनी स्तर तक पहुंचे, समाज के सबसे गरीब व्यक्ति का बेहतर से बेहतर इलाज हो। उसे इलाज के दौरान किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े उन्होंने कहा कि आज औचक निरीक्षण का उद्देश्य यही है कि हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय के विभिन्न वार्डाें, ओ.पी.डी., पाकशाला आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नेत्र रोग कक्ष एवं हड्डी रोग कक्ष के बाहर देखा गया कि कक्ष के बाहर बहुत अधिक संख्या में लोग अपने नेत्र एवं हड्डी रोग के सम्बन्ध में इलाज कराने हेतु आये हैं। निर्देश दिए गये कि आगामी सभी सम्पूर्ण समाधान दिवस में नेत्र रोग के सम्बन्ध मे कैम्प आयोजित किये जाए, ताकि मरीजों को तहसील दिवस के दौरान चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध हो सके। नेत्र रोग कक्ष में जाकर जिलाधिकारी ने नेत्र चिकित्सकों से वार्ता की। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि उनके द्वारा इस 2022-23 में लगभग 12000 मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है, जिसके कारण उन्होंने इतने अधिक संख्या में मरीजों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के कारण नेत्र चिकित्सकों की प्रशंसा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन रोगों का इलाज कराने हेतु अधिक संख्या में लोग आते हैं, उनके कक्षों के बाहर होम गार्ड लगाकर आने वाले पुरुष एवं महिलाओं को दो पंक्ति में पंक्तिबद्ध किया जाय।इसके उपरान्त दन्त रोग कक्ष एवं मेल सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया एवं वहां प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं को देखा।
मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों से उन्होंने वार्ता की, उन्हें दवायें एवं खाना निःशुल्क दिया जा रहा है। साथ ही चिकित्सक उन्हें देखने के लिए भी आते हैं।
दन्त रोग कक्ष एवं मेल सर्जिकल वार्ड के निरीक्षण के उपरान्त उन्होंने पाकशाला को देखा। पकशाला में भोजन तैयार किया जा रहा था। पाकशाला के निरीक्षण के दौरान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक द्वारा बताया गया कि अभी लगभग 50 से 60 मरीज भर्ती हैं। मरीजों एवं उनके तीमारदारों को मिलाकर कुल 110 लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है।
विस्तृत निरीक्षण करते हुए उन्होंने एक्स-रे कक्ष का भी निरीक्षण किया।
एक्स रे कक्ष के निरीक्षण के दौरान पंजिका का अवलोकन करने पर यह देखा गया कि प्रतिदिन पर्याप्त संख्या में मरीजों का एक्स रे किया जा रहा है। पंजिका में मरीजों के मोबाइल नम्बर अंकित न होने पर उन्होंने निर्देश दिए गए कि इस सम्बन्ध में पूर्व में भी निर्देश दिए जा चुके हैं कि जो भी मरीज एक्स रे कराने आये उनके नाम के साथ-साथ मोबाइल नम्बर अवश्य अंकित किया जाए। आगे आने वाले सभी मरीजों से उनका मोबाइल नम्बर लेकर उसे पंजिका में अवश्य अंकित किया जाए। निरीक्षण के दौरान प्रमुख अधीक्षक द्वारा बताया गया कि एक्स रे पेपर प्रिंटर मशीन की आवश्यकता है, जिसके सम्बन्ध में उन्होंने निर्देश दिए गए कि वे रोगी कल्याण समिति में उपलब्ध धनराशि से वित्तीय नियमों का अनुपालन करते हुए मशीन का क्रय करें।
एक्स रे कक्ष में अपना एक्स रे कराने आये मरीजों से वार्ता करने पर उन्होंने बताया कि कुछ जांचों में पैसे लिये जाते हैं, जिसके सम्बन्ध में प्रमुख अधीक्षक द्वारा बताया गया कि कुछ जांचें निःशुल्क हैं एवं कतिपय जांचों मा.शासन के निर्देशानुसार निर्धारित शुल्क पर की जाती हैं एवं शुल्क प्राप्त करने के उपरान्त मरीजों को उसकी रसीद भी दी जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों की शंका समाधान एवं पारदर्शिता हेतु निःशुल्क की जाने वाली जांचों एवं मा.शासन द्वारा निर्धारित शुल्क पर की जाने वाली जांचों के सम्बन्ध में बड़े-बड़े बोर्ड चिकिल्सालय में जगह-जगह पर लगवा दिये जाए।
अस्पताल के निरीक्षण के दौरान एक मरीज के द्वारा बताया गया कि उसको बाहर की दवाई लिखी गई है। उन्होंने मरीज को लिखी गई दवाई का पर्चा देखा। निर्धारित पर्चा पर दवाई न लिखी होने के कारण एवं उस पर डाॅक्टर के हस्ताक्षर न होने के कारण उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त की एवं सम्बन्धित डाॅक्टर का स्पष्टीकरण लिये जाने के निर्देश दिए। यह भी निर्देश दिए कि यदि चिकित्सालय में किसी बीमारी/रोग की दवाई उपलब्ध हो, तो उसे उस रोग/बीमारी से सम्बन्धित अन्य दवा न लिखी जाए। दवायें निर्धारित पर्चें पर ही लिखी जाए एवं उस पर सम्बन्धित डाॅक्टर के द्वारा अपने हस्ताक्षर भी किये जायें।
विस्तृत निरीक्षण करने के उपरान्त उन्होंने प्रमुख अधीक्षक, जिला चिकित्सालय से डाॅक्टर की नियमित उपस्थित के सम्बन्ध में जानकारी ली। प्रमुख अधीक्षक द्वारा बताया गया कि डाॅक्टर नियमित रूप से उपस्थित होते हैं। एक डाॅक्टर लगभग 02 वर्ष पूर्व जिला चिकित्सालय में ज्वाइनिंग करने के उपरान्त से अभी तक उपस्थित नहीं हुए हैं। उक्त डाॅक्टर को समय-समय पर नोटिस भी जारी किये गये हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि वे संयुक्त हस्ताक्षर से इस सम्बन्ध में अपनी रिपोर्ट उपलब्ध करायें, ताकि मा.शासन को आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु अवगत कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
