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सुदामा चरित्र में भक्तों के छलके आँसू,वही भजनो पर झूमे भक्त।रिपोर्ट-इदरीश बाबा

सुदामा चरित्र में भक्तों के छलके आँसू,वही भजनो पर झूमे भक्त।रिपोर्ट-इदरीश बाबा

कस्बा के शीतला धाम मन्दिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का वर्णन किया। सुदामा चरित्र का वर्णन सुन श्रोता भाव विभोर हो गए। वहीं भजन कीर्तन पर महिला पुरुष श्रद्धालु जमकर झूमे।
कथा वाचक साध्वी पूजा भारती ने कहा कि भागवत के श्रवण मात्र से ही मनुष्य जन्म जन्मातर के कष्टों से मुक्ति पा जाता है। उन्होंने कहा कि जीव भौतिकता के चलते सासारिक प्रलोभनों से घिरा होता है। यह कथा व्यक्ति की आध्यात्मिक प्यास को बुझा देती है। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जब सुदामा अपने बचपन के सखा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने उनके महल पहुंचते हैं तो सुदामा को देख गले मिलकर वह रो पड़ते हैं। कृष्ण जैसा सखा और सुदामा जैसा भक्त जग के लिए प्रेरणा है। रुकमणी विवाह की कथा ने श्रोताओं को भाव विभोर किया।
कथा के बीच-बीच हुए भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। श्रीकृष्ण की जय-जयकार से वातावरण गुंजायमान हो उठा। इस मौके पर नगर अध्यक्ष अनुरुद्ध कुमार यादव , खरारी सोनी ,महेश चंद्र बादल , प्रदीप भोला ,राजीव कुमार यादव ,पार्षद राजू रैकवार, शीतला धाम मंदिर के पुजारी अर्पण व्यास, भरत देवरिया, मोहित द्विवेदी ,कल्लू नायक ,सोम द्विवेदी ,राहुल उदैनिया ,आकाश तिवारी ,वजीर खान ,राजेंद्र परिहार आदि लोग मौजूद रहे।

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