*संकेत बताते हैं कि आपके जीवन पर पड़ रहा है शनि महाराज का शुभ- अशुभ परिणाम-ज्योतिर्विद संजय रावत*
ज्योतिष की दुनिया में शनि देव को कर्मफल व न्याय का देवता माना गया है। यानी कि, यह व्यक्तियों को उनके कर्म के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं। जहां एक तरफ जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में मौजूद होते हैं तो ऐसे व्यक्तियों को अपने जीवन में तमाम तरह की परेशानियां और दिक्कतें उठाने पड़ते हैं वहीं, दूसरी तरफ कुंडली में मौजूद शुभ शनि रंक को राजा बनाने का भी मायदा रखते हैं। यह बात ज्योतिर्विद पं. संजय रावत शास्त्री राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय सनातन
धर्म रक्षिणी सेवा समिति में कही।
पंडित संजय रावत ने कहा कि हालांकि कई बार देखा गया है कि, लोगों को इस बात का आभास ही नहीं होता कि उन पर शनि का प्रकोप चल रहा है और ऐसे में हम अनजाने में ही वही ग़लतियाँ दोहराते जाते हैं जिससे शनि का प्रकोप हमारे जीवन पर और ज्यादा मजबूत होने लगता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में वह कौन से संकेत हैं जो इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि हमारे जीवन में शनि का प्रकोप चल रहा है जिन्हें दूर करके हमें शनि के प्रकोप से बच कर अपना जीवन सुखमय व्यतीत कर सकते हैं। व्यक्ति के जीवन में शनि के अशुभ होने की कुछ महत्वपूर्ण निशानियां है
अगर किसी व्यक्ति के जूते, चप्पल बार-बार टूटने लगे या खोने लगे तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि उस व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष मौजूद है। इसके अलावा यदि आपका क़र्ज़ लगातार बढ़ता जाए तो भी इस बात की तरफ इशारा करता है कि, आपके ऊपर शनि दोष है। जिन व्यक्तियों के बाल, दाँत और आँख समय से पहले कमजोर होने लगे यह भी शनि के अशुभ होने की ही तरफ संकेत देते हैं। हालांकि कई मामलों में यह बातें किसी बीमारी की वजह से भी हो सकती हैं। ऐसे में अपने कुंडली किसी विद्वान ज्योतिषी से दिखा कर इस बारे में परामर्श लेने की सलाह दी जाती है। विद्वान ज्योतिषियों से अपनी कुंडली दिखाने या उसमें मौजूद किसी भी तरह के दोष की जानकारी प्राप्त करने के लिए ज्योतिषी से सलाह लें। इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के बाल तेजी से गिरने लगते हैं तो यह भी इस बात की तरफ इशारा है कि, उस व्यक्ति के जीवन पर शनि के प्रतिकूल प्रभाव हैं।
जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में होता है या भारी होता है ऐसे व्यक्तियों के माथे का रंग बदलने लगता है। शनि के अशुभ प्रभाव के चलते व्यक्ति के परिवार और व्यापार या नौकरी में चीजें खराब होने लगती हैं और बनते बनते काम बिगड़ने लगते हैं। यदि किसी व्यक्ति का मन अचानक से अनैतिक कामों की तरफ झुकने लगे तो यह भी इस बात की तरफ इशारा है कि, व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में है। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति के खान पान की शैली अचानक से बदलने लगे। व्यक्ति अचानक से कड़वे, तेल मसाले वाले या मांसाहारी भोजन की तरफ झुकाव रखने लगे तो फिर समझ जाना चाहिए कि यह शनि के प्रकोप की वजह से ही हो रहा है। इसके अलावा शनि का एक और अशुभ प्रभाव का संकेत यह है कि अक्सर देखा गया है कि व्यक्ति ज्यादा झूठ बोलने लगते हैं और उनमें क्रोध की भावना बढ़ने लगती है। ऐसे में यदि आप अपने अपने घर परिवार के किसी सदस्य के अंदर इन बदलाव या बातों को देखें तो समझ जाना चाहिए कि, उस व्यक्ति पर शनि का प्रकोप चल रहा है। उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों के जीवन में शनि की ढैया या साढ़ेसाती चल रही है उन्हें शमी के वृक्ष की जड़ को काले कपड़े में पिरो-कर शनिवार के दिन शाम के समय दाहिने हाथ में बांधने की सलाह दी जाती है। जीवन से शनि के प्रकोप को कम या दूर करने के लिए महादेव की उपासना करना बेहद फलदाई रहता है। यदि आपके जीवन में शनि का प्रकोप चल रहा है तो आपको शिव सहस्त्रनाम और शिव पंचाक्षरी मंत्र पढ़ने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से शनि के नकारात्मक परिणाम समाप्त होने लगते हैं। इसके अलावा शनि के प्रकोप से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन सुंदरकांड पढ़ने की सलाह दी जाती है। मुमकिन हो तो अपनी यथाशक्ति अनुसार मंदिर में कुछ मीठा प्रसाद भी चढ़ाएं। उन्होंने बताया कि शनि के प्रकोप को शांत करने के लिए इस मंत्र का श्रद्धा पूर्वक और स्पष्ट उच्चारण पूर्वक जप करें “सूर्य पुत्रो दीर्घ देहो विशालाक्ष: शिव प्रिय:”
‘मंदाचाराह प्रसन्नात्मा पीड़ां दहतु में शनि:’ अपने घर में शमी का वृक्ष लगाएं और नियमित रूप से उसकी पूजा करें। शनिवार के दिन शनि देव को तिल के तेल का दीपक जलाएं और शनि स्त्रोत का पाठ करें। शनि देव की प्रसन्नता हासिल करने के लिए शनिवार को करें यह बेहद सरल उपाय
प्रत्येक शनिवार शनि मंदिर में जाने का नियम बनाएँ। शनि देव की उपासना सच्चे मन से करें और उन्हें उनकी कृपा पाने की प्रार्थना करें। उंन्होने बताया कि शनिवार के दिन दान करना बेहद उत्तम माना गया है। ऐसे में आप चाहे तो राई, तेल, उड़द की दाल और काले कपड़े का दान कर सकते हैं। कोशिश करें और शनिवार के दिन लोहे की चीज खरीदने से बचें। शनिवार के दिन एक कटोरी में सरसों का तेल लें। इस तेल में अपना चेहरा देखें और उसके बाद इस तेल को दान कर दें। इसके अलावा बिना जानकारी के नीलम रत्न धारण करने से बचें। यदि आपको किसी ने नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी भी है तो ऐसी स्थिति में पूरे विधि विधान और नियम का पालन करके ही रत्न धारण करें।
आप के लिए कौन सा रत्न शुभ साबित हो सकता है? इस बात की जानकारी प्राप्त करने के लिए किसी विद्वान ज्योतिषाचार्य से सलाह प्राप्त करें। इसके अलावा आप चाहे तो कुछ और बेहद सरल उपाय करके शनि देव की प्रसन्नता हासिल कर सकते हैं और उनके प्रकोप को कम किया जा सकता है। जीवन में किसी भी तरह का अनुचित काम करने से बचें। झूठ बोलने से बचें।
लोगों की बुराइयां करने से बचें और लोगों के बारे में गलत बात करने से बचें। क्योंकि शनि देव को न्याय का देवता माना गया है ऐसे में अपने काम अच्छे रखें जिससे शनि देव आपको शुभ फल ही प्रदान करेंगे। बड़े बुजुर्गों का हमेशा सम्मान करें। पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं। स्त्रियों का हमेशा सम्मान करें। शनि देव और हनुमान जी की पूजा करें। अपनी यथाशक्ति के अनुसार दान पुण्य करते रहे।
जितना हो सके बुरी और नकारात्मक चीजों से दूरी बना कर रहे। अपने जीवन में नीले रंग को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। नीले कपड़े के तौर पर या अपने घर में चादर और परदे के रूप में भी आप नीले रंग को शामिल कर सकते हैं।