शिकायत का निस्तारण कागजों में, गंदगी और बदहाली जमीन पर बरकरार
झांसी। झांसी स्मार्ट सिटी और नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। वार्ड संख्या 39, दतिया गेट बाहर स्थित नाले का बाग क्षेत्र में अजयपार बाबा मंदिर के पास मुख्य नाली लंबे समय से चोक पड़ी है, जिससे गंदा पानी और कीचड़ सड़क पर बह रहा है। क्षेत्र में फैली दुर्गंध और गंदगी के कारण स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता नरेन्द्र कुशवाहा द्वारा इस समस्या को लेकर नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी शिकायत संख्या 13561350 है। नगर निगम की ओर से शिकायत को संबंधित विभाग को निस्तारण हेतु प्रेषित किए जाने की सूचना भी दी गई, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर कोई कार्यवाही नहीं हुई और समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नाली की सफाई न होने से सड़क पर कीचड़ जमा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। अजयपार बाबा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी गंदगी और बदबू के बीच पूजा-अर्चना करनी पड़ रही है।
नरेन्द्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि बिना कार्य किए शिकायतों का निस्तारण दिखाया जाना जन शिकायत प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने नगर आयुक्त से मामले का संज्ञान लेकर स्थल निरीक्षण कराने, नाली की सफाई, कीचड़ हटाने, क्षतिग्रस्त नाली के निर्माण तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम शिकायत के वास्तविक समाधान की दिशा में कदम उठाता है या फिर यह मामला भी केवल कागजी निस्तारण तक सीमित रह जाएगा।