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समर ऐकेडमिक इंटर्नशिप प्रोग्राम के अंतर्गत विधि छात्रों को मिला व्यावहारिक कानूनी प्रशिक्षण

ByNeeraj sahu

Jun 9, 2026
समर ऐकेडमिक इंटर्नशिप प्रोग्राम के अंतर्गत विधि छात्रों को मिला व्यावहारिक कानूनी प्रशिक्षण*
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        झाँसी। माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाँसी श्रीमती कमलेश कच्छल जी के कुशल संरक्षण एवं प्रेरणा से तथा माननीय सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाँसी श्रीमती ईशा त्रिपाठी जी के कुशल निर्देशन में संचालित ‘समर ऐकेडमिक इंटर्नशिप प्रोग्राम’ के अंतर्गत आज एल.एल.बी. एवं एल.एल.एम. के छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक कानूनी प्रक्रिया एवं सामाजिक विधिक सरोकारों से परिचित कराने हेतु एक वृहद एवं बहुआयामी प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।
         कार्यक्रम को अधिक प्रभावी एवं उद्देश्यपरक बनाने के लिए इंटर्न्स को चार अलग-अलग बैचों में विभाजित कर विभिन्न न्यायिक एवं सामाजिक संस्थानों का भ्रमण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
         प्रशिक्षण के प्रथम चरण में एक बैच को आई.टी.आई. झाँसी के समीप स्थित वृद्धाश्रम का भ्रमण कराया गया। यहाँ कानून के छात्र-छात्राओं ने वरिष्ठ नागरिकों के रहन-सहन, खान-पान एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त कानूनी अधिकारों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने बुजुर्गों से संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों को जाना तथा समाज में उनके प्रति संवेदनशीलता एवं सम्मान की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
          द्वितीय बैच को मध्यस्थता केंद्र के कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। यहाँ छात्र-छात्राओं को वरिष्ठ मध्यस्थ अधिकारियों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला, जहाँ उन्होंने लाइव मध्यस्थता प्रक्रिया का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने जाना कि किस प्रकार न्यायालयीन प्रक्रिया से इतर आपसी संवाद एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से विवादों का सम्मानजनक समाधान संभव होता है।
       तृतीय बैच के छात्र-छात्राओं को चीफ लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल कार्यालय का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें देश में लागू नवीन आपराधिक कानूनों की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं असहाय व्यक्तियों को सरकारी व्यय पर प्रभावी आपराधिक विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे न्याय तक उनकी समान पहुंच सुनिश्चित हो सके।
         चतुर्थ बैच के इंटर्न्स को विभिन्न न्यायालयों के कोर्ट रूम का लाइव विजिट कराया गया। इस दौरान छात्रों ने न्यायाधीशों की कार्यप्रणाली, साक्ष्य संकलन, गवाहों के परीक्षण एवं अधिवक्ताओं की जिरह जैसी वास्तविक न्यायिक प्रक्रियाओं को निकटता से देखा तथा कोर्ट क्राफ्ट की बारीकियों को अपनी डायरी में संकलित किया।
      इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से विधि छात्रों को न्यायिक व्यवस्था की व्यावहारिक समझ विकसित करने के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व एवं विधिक सेवा के महत्व को भी निकटता से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
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