“जालौन में गरजे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद! बोले- यूपी में कागजों पर चल रही गौशालाएं, सच्चाई छिपा रही सरकार”
जालौन नगर में उस समय धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई, जब गो संरक्षण और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने की मांग को लेकर निकाली जा रही गविष्टि यात्रा के साथ ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पहुंचे। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की गौशाला व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि प्रदेश में कई गौशालाएं सिर्फ कागजों में संचालित हो रही हैं।
गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने की मांग को लेकर निकली गविष्टि यात्रा के तहत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जालौन नगर पहुंचे। यहां उन्होंने जिला पंचायत सदस्य रामेंद्र त्रिपाठी के आवास पर विश्राम किया। उनके आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग दर्शन के लिए पहुंच गए।
बाद में आयोजित पत्रकार वार्ता में शंकराचार्य ने अपनी यात्रा के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा देशभर में गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण करने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने की मांग को मजबूत करने के लिए निकाली जा रही है।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार की गौशाला व्यवस्था पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई गौशालाएं केवल कागजों पर संचालित दिखाई जा रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। उन्होंने यह भी कहा कि जब वे गौशालाओं की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास करते हैं तो कई स्थानों पर उन्हें प्रवेश तक नहीं करने दिया जाता।
पत्रकार वार्ता के दौरान एक रोचक स्थिति भी देखने को मिली, जब एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते समय दूसरे पत्रकार ने बीच में नया सवाल पूछ लिया। इस पर शंकराचार्य ने नाराजगी जताते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई और पत्रकारों से अनुशासन बनाए रखने की बात कही।
फिलहाल जालौन पहुंची गविष्टि यात्रा ने गौ संरक्षण और गौशालाओं की स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। शंकराचार्य के आरोपों के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन और सरकार इन सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।