झाँसी मंडल में सिग्नलिंग प्रणाली का हो रहा आधुनिकीकरण – रेल यातायात होगा और अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय
झाँसी मंडल में रेल परिचालन की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सिग्नलिंग प्रणाली का निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के कुशल मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री नरेंद्र सिंह एवं वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (मेन लाइन) श्री राज कुमार के तकनीकी निर्देशन में यह कार्य तेजी से प्रगति पर है।
इसी क्रम में मंडल के Rusty Rail Track Sections (जंगग्रस्त रेल पथ खंडों) में पारंपरिक डीसी ट्रैक सर्किट प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से हटाकर अत्याधुनिक ड्यूल एक्सल काउंटर तकनीक स्थापित की जा रही है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत झाँसी मंडल के कुल 91 ट्रैक सेक्शनों में ड्यूल एक्सल काउंटर लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 69 ट्रैक सेक्शनों में यह तकनीक सफलतापूर्वक स्थापित एवं चालू की जा चुकी है, जबकि 17 ट्रैक सेक्शनों में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। शेष सेक्शनों में भी निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
इसी क्रम में आज खजराहा (KHJ) स्टेशन पर 9 ट्रैक सेक्शनों में अत्याधुनिक GGT Make MSDAC को EI Alteration के साथ सफलतापूर्वक कमीशन किया गया।
उल्लेखनीय है कि पारंपरिक डीसी ट्रैक सर्किट प्रणाली में पटरियों पर जंग जम जाने की स्थिति में विद्युत संपर्क प्रभावित हो जाता है, जिससे ट्रेनों की उपस्थिति का सटीक पता लगाने में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। इस चुनौती का समाधान करने हेतु झाँसी मंडल द्वारा आधुनिक ड्यूल एक्सल काउंटर तकनीक को अपनाया जा रहा है।
यह तकनीक रेल पथ पर गुजरने वाले पहियों की गणना के आधार पर ट्रेन की उपस्थिति का सटीक निर्धारण करती है। परिणामस्वरूप जंगग्रस्त ट्रैक सेक्शनों में भी ट्रेनों की विश्वसनीय एवं सुरक्षित पहचान सुनिश्चित होती है। ड्यूल डिटेक्शन प्रणाली के उपयोग से रेल परिचालन और अधिक सुरक्षित, समयबद्ध तथा दुर्घटनामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
झाँसी मंडल रेल प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं आधुनिक तकनीकों से युक्त उत्कृष्ट रेल सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत एवं प्रतिबद्ध है।