रामलीला मैदान पर कब्जे और 100 वर्ष पुराने नीम के पेड़ की कटाई पर डीएम सख्त, एसडीएम-डीएफओ-पुलिस की संयुक्त जांच टीम गठित
झांसी, जून 2026। ग्राम राजापुर, थाना रक्सा में सार्वजनिक चबूतरे पर स्थित लगभग 100 वर्ष पुराने नीम के पेड़ की कटाई तथा रामलीला मैदान की सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले को जिलाधिकारी झांसी ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम), प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ता नरेन्द्र कुशवाहा को 14 जून 2026 को ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त हुई थी कि गांव के रामलीला मैदान स्थित सार्वजनिक चबूतरे पर खड़ा एक विशाल एवं जीवित नीम का पेड़ काट दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यह पेड़ एक सदी से अधिक पुराना था और इसकी छाया में गांव की कई पीढ़ियां समय बिताती रही थीं। पेड़ के सामने स्थित कुएं पर आने वाले ग्रामीण विश्राम करते थे तथा यह स्थान सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है।
ग्रामीणों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि चबूतरे से लगी भूमि पूर्व में रामलीला मैदान के रूप में सार्वजनिक उपयोग में थी, जिस पर कुछ वर्ष पूर्व प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा कब्जा कर निर्माण करा लिया गया। अब सार्वजनिक चबूतरे पर कब्जे की मंशा से नीम के पेड़ को काटे जाने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित व्यक्तियों के प्रभाव के कारण कोई भी खुलकर विरोध करने का साहस नहीं कर पा रहा है।
नरेन्द्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग को शिकायत भेजी थी। शिकायत में दबाव बनाने और धमकियां दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम स्थलीय निरीक्षण, राजस्व अभिलेखों की जांच तथा पेड़ कटान एवं सार्वजनिक भूमि से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई का ग्रामीणों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने स्वागत किया है।
भवदीय