बुन्देली लोकदेव पर आधारित नाटक लाला हरदौल का भव्य मंचन
लेखक निर्देशक महेंद्र वर्मा द्वारा लिखित नाट्य पुस्तक लाला हरदौल का विमोचन हुआ ।
झाँसी । श्री गणेश सत्संग भवन झाँसी हीरक जयंती महा गणेश महोत्सव में आज पांचवे दिन मंच पर बुन्देलखण्ड के लोकदेव लाला हरदौल पर केंद्रित चर्चित नाटक लाला हरदौल का भव्य मंचन झाँसी ललितपुर के लोकप्रिय सांसद अनुराग विश्वनाथ शर्मा के मुख्य आतिथ्य और संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ संदीप सरावगी एवं संस्कार भारती के प्रदेश महामंत्री नरेश चंद्र अग्रवाल के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ ।
संचालन वरिष्ठ समाजसेवी राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षाविद डॉ नीति शास्त्री ने किया ।
सर्वप्रथम अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । मुख्य आयोजक सीताराम कुशवाहा ने अतिथियों को बैच अलंकरण और मोतीमाला अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया ।
लेखक निर्देशक महेंद्र वर्मा द्वारा लिखित नाट्य पुस्तक लाला हरदौल का विमोचन सांसद अनुराग विश्वनाथ शर्मा, नरेश चंद्र अग्रवाल, डॉ नीति शास्त्री, डॉ संदीप सरावगी, संस्कार भारती अध्यक्ष राष्ट्रीय चित्रकार किशन सोनी कार्यक्रम संयोजक एवं संस्कार भारती प्रांतीय मंचीय सह संयोजक संजय तिवारी राष्ट्रवादी आदि की उपस्थिति में किया गया ।
भावपूर्ण मार्मिक कथानक पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति लाला हरदौल में ओरछा नरेश महाराज जुझार सिंह की भूमिका में महेंद्र वर्मा, लाला हरदौल की भूमिका में राघवेंद्र सिंह, सेनापति पहाड़ सिंह और बहनोई दतिया नरेश महाराज विक्रम सिंह की दोहरी भूमिका संजय राष्ट्रवादी, भाभी महारानी चंपावती की भूमिका मंजू सिंह, बहन महारानी कुंजावती की भूमिका नीलम गुप्ता, सूत्रधार और ओरछा दीवान आदित्य वर्मा, दतिया दीवान धर्मेंद्र सेन, उद्घोषक सीताराम कुशवाहा, दरवान आकाश और सुनील रायकवार, पठान कादिर खान और धर्मपाल की भूमिका सौरभ सेठ, लाखन की भूमिका में मुकुल, मालती की भूमिका में शुभी दुबे, ललिता की भूमिका में विधि और रतन कुंवर की भूमिका में शिविरा कुंवर की भूमिका में हर्ष झा रहे । बुन्देली संगीत हर्ष झा और सीताराम कुशवाहा ने दिया । डिजिटल फॉर्मेट अमर सोनी ने तैयार किया । दर्शकों ने प्रस्तुति को भरपूर सराहा, भावपूर्ण दृश्यों ने दर्शकों को रूला दिया ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय चित्रकार कामिनी बघेल, सुदर्शन शिवहरे, देवीसिंह पहलवान, पार्षद संजय वाल्मीक आदि सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे ।
अंत में सीताराम कुशवाहा ने आभार व्यक्त किया ।
बुन्देली लोकदेव पर आधारित नाटक लाला हरदौल का भव्य मंचन