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*न्यायिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने वृद्धाश्रम, अनाथालय एवं आश्रय गृहों का किया निरीक्षण*

ByNeeraj sahu

May 30, 2026
*न्यायिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने वृद्धाश्रम, अनाथालय एवं आश्रय गृहों का किया निरीक्षण*
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        झांसी : माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी श्रीमती कमलेश कच्छल जी के कुशल निर्देशन में न्यायिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम द्वारा जनपद के विभिन्न सामाजिक सेवा संस्थानों, वृद्धाश्रम एवं अनाथालयों का मासिक निरीक्षण किया गया।
        निरीक्षण दल में माननीय सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती ईशा त्रिपाठी जी, माननीय अपर जिला जज (एडीजे) श्री देवाशीष जी तथा किशोर न्याय बोर्ड की माननीय मजिस्ट्रेट सुश्री अंकिता बौद्ध जी मुख्य रूप से शामिल रहीं।
       न्यायिक टीम ने सर्वप्रथम आईटीआई स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। वहाँ निवासरत बुजुर्गों से आत्मीय संवाद कर उनके स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल एवं आवासीय सुविधाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि बुजुर्गों को दैनिक जीवन में किसी प्रकार की असुविधा अथवा मानसिक प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।
       इसके उपरांत संयुक्त टीम खातीबाबा स्थित सेंट जुड्स अनाथालय पहुँची, जहाँ बच्चों के रहन-सहन, शिक्षा, पोषण एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया। किशोर न्याय बोर्ड की माननीय मजिस्ट्रेट द्वारा बच्चों की काउंसिलिंग व्यवस्था, मानसिक विकास, मनोरंजन एवं खेलकूद संबंधी सुविधाओं का भी परीक्षण किया गया।
        निरीक्षण के अंतिम चरण में न्यायिक अधिकारियों ने इलाइट चौराहे के समीप स्थित मदर टेरेसा आश्रय गृह (मानसिक रूप से विक्षिप्त महिलाओं हेतु संचालित) का निरीक्षण किया। यहाँ संवासिनियों की देखभाल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता एवं मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों का व्यापक जायजा लिया गया।
        निरीक्षण के दौरान सभी संस्थाओं के प्रबंधकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आश्रितों की मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही न बरती जाए। वर्तमान में पड़ रही अत्यधिक गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए सभी संस्थानों में शुद्ध एवं शीतल पेयजल, ओआरएस पैकेट की उपलब्धता तथा चिकित्सकों द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
        जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की माननीय सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी जी ने संस्थाओं के प्रभारियों को आश्वस्त किया कि यदि किसी भी आश्रित, बुजुर्ग अथवा बच्चे को विधिक सहायता या कानूनी परामर्श की आवश्यकता होगी, तो प्राधिकरण द्वारा उन्हें तत्काल निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि ऐसे नियमित निरीक्षणों का उद्देश्य समाज के वंचित, बुजुर्ग, बच्चों एवं बेसहारा व्यक्तियों को गरिमापूर्ण, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना।
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