🔥 दाढ़ी गांव त्रासदी: मां और दो बेटियों की जलकर मौत—अब आत्मदाह नहीं, हत्या का केस!
जालौन के कोंच क्षेत्र के दाढ़ी गांव से सामने आई दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। जहां शुरुआत में मां और उसकी दो मासूम बेटियों की आग में जलकर मौत को आत्मदाह बताया जा रहा था, वहीं अब मृतका के पिता की तहरीर पर मामला सीधे हत्या की धारा तक पहुंच गया है।
मृतका आरती (25): 2017 में हुई थी शादी, लेकिन…
परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही आरती की जिंदगी नरक बन गई थी। रोजाना की मारपीट, ताने और मानसिक प्रताड़ना ने उसे तोड़ दिया था।
परिजनों के गंभीर आरोप—
दहेज की लगातार मांग
बेटा न होने के ताने
शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न
देवेंद्र की दूसरी शादी कराने की साजिश
मृतका के पिता का दर्द छलका — “मेरी बेटी ने आत्महत्या नहीं की… उसे मारकर जलाया गया है।”
सबसे चौंकाने वाली बात: दो आरोपी देवर—पुलिस में दरोगा!
तहरीर में सात लोगों को नामजद किया गया है जिनमें आरती के दो देवर पवन और जितेंद्र शामिल हैं— और दोनों यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) हैं।
घटना का टाइमलाइन और संदेह
देवर की शादी से एक दिन पहले ही तीनों शव घर में मिले।
मायके पक्ष का दावा—
“शाम 4:30 से 5 बजे के बीच ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई गई।”
गांव का शादी वाला घर पल भर में श्मशान बन गया।
सीओ परमेश्वर प्रसाद का बयान—
“7 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है, जांच जारी है।”
फोरेंसिक टीम सक्रिय है—
कॉल रिकॉर्ड
डिजिटल एविडेंस
पड़ोसियों और गवाहों के बयान
घटनास्थल की फोरेंसिक पड़ताल सबकी जांच शुरू हो चुकी है।
अब सबसे बड़े सवाल
क्या यह वाकई आत्मदाह था या सुनियोजित हत्या?
दो दरोगाओं की मौजूदगी में क्या सच्चाई को दबाने की कोशिश हुई?
दहेज और ‘बेटा-बेटी’ की कुप्रथा ने फिर तीन जिंदगियां छीन लीं?
क्या जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी?
मायके पक्ष का दृढ़ संकल्प
“हम अपनी बेटी और नातिनों के लिए आखिरी सांस तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।”