चंडीगढ़ में टूटा जबड़ा, उरई मेडिकल कॉलेज ने लौटाई मुस्कान
10 दिन दर्द से तड़पते रहे अजयपाल, उरई में हुई चेहरे की जटिल सर्जरी सफल
उरई। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए जालौन जनपद के ब्योना राजा निवासी 50 वर्षीय अजयपाल को आखिरकार नया जीवन उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज में मिला। चंडीगढ़ में दुर्घटना के बाद कई दिनों तक उचित इलाज न मिलने से परेशान अजयपाल का जबड़ा और चेहरे की हड्डियों का जटिल ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज के दंत चिकित्सा विभाग में सफलतापूर्वक किया गया।
बताया गया कि करीब 10 दिन पहले चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना के दौरान अजयपाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें एक सरकारी अस्पताल में भर्ती तो किया गया, लेकिन दो दिन तक समुचित उपचार नहीं मिल सका। लगातार दर्द, सूजन और भोजन चबाने में असमर्थता के बावजूद वे इलाज के लिए भटकते रहे।
आखिरकार अजयपाल उरई मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दंत चिकित्सा विभाग ने तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया। ओपीजी और सीटी फेस जांच में सामने आया कि मरीज के जबड़े में मैंडीबुलर राइट पैरासिम्फाइस तथा दोनों तरफ के जाइगोमेटिक आर्च में मल्टीपल फ्रैक्चर थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएस डॉ. प्रशांत निरंजन के निर्देशन में दंत एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी टीम ने ऑपरेशन की तैयारी की। सहायक प्रोफेसर एवं ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. हरमूर्ति सिंह तथा रेजिडेंट डॉ. अखिल त्रिवेदी के नेतृत्व में ओपन रिडक्शन एंड इंटरनल फिक्सेशन (ORIF) तकनीक से सफल सर्जरी की गई।
ऑपरेशन के बाद अजयपाल की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। उपचार और अस्पताल की व्यवस्थाओं से संतुष्ट अजयपाल ने मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम का आभार जताया। स्वस्थ होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
यह सफल ऑपरेशन इस बात का प्रमाण है कि अब राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के चलते जटिल मैक्सिलोफेशियल सर्जरी भी स्थानीय स्तर पर सफलतापूर्वक की जा रही।
रविकांत द्विवेदी RK रिपोर्टर,