जिस देश में बच्चों को भीख देने का काम मुख्यमंत्री स्वयं करे, वह भी देश का सबसे बड़े राज्य का ! यह गैरकानूनी भी है और अनैतिक भी। काश मुख्यमंत्री अपने साथ चल रहे अफसरों को डांट लगाते कि पढ़ने की उम्र के बच्चे भीख कैसे मांग रहे हैं ! संस्कार और दृष्टि की कमी यही कहलाती है।
शायद मुख्यमंत्री तो नहीं जानते होंगे लेकिन उनके आजू बाजू अफसर इससे अवगत होंगे कि उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम, 1975 पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है।
इस अधिनियम के तहत राज्य सरकार चाहे तो किसी क्षेत्र या वर्ग के लोगों पर इस कानून को लागू कर सकती है।
बच्चों या किशोरों से भीख मंगवाना या ऐसा करने के मकसद से काम पर रखना जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अपराध है।
दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
जिस देश में बच्चों को भीख देने का काम मुख्यमंत्री स्वयं करे, वह भी देश का…..