*पीएम रिपोर्ट में आयी महिला की मौत हार्ट की बीमारी से, दरोगा पर लगाये गए आरोपों में नहीं दिख रहा दम*
रिपोर्ट-रविकांत द्विवेदी
एट थाना क्षेत्र के ग्राम चौतरहाई में महिला की मौत को लेकर पुलिस को पीएम रिपोर्ट का बेसब्री से इंतज़ार था क्योंकि इससे ही मौत के कारणों का सही पता चल सकता था। वहीं पीएम रिपोर्ट में महिला की मौत में डॉक्टर ने हार्ट डाइलेटिट बताया है, रिपोर्ट के मुताबिक हार्ट के चार में से दो चैम्बर खराब हो गए थे, जिससे मौत बताई गई है। वहीं शरीर में किसी प्रकार कब चोटों के भी निशान का जिक्र रिपोर्ट में नहीं किया गया है। पीएम रिपोर्ट के आने के बाद महिला के मायके पक्ष के लोगों की बात मनगढ़ंत सावित हो रही है। एट थाना के ग्राम चौतरहाई में महिला सरोज की मौत को लेकर महिला के मायके पक्ष के भाई रंजीत सिंह पुत्र जगदीश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा था कि ससुरालीजन उसकी बहिन की मारपीट दहेज के लिए करते थे, वह लोग सोचते रहे कि यह लोग सुधर जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसकी बहिन की ससुरालीजनों ने काफी मारपीट की व मारपीट से तबियत ज्यादा बिगड़ जाने पर उसे बिना उनकी जानकारी के ग्वालियर ले जाया गया। जिसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उनको सूचना दी। जब ग्वालियर जाकर देखा तो उसकी बहिन की मौत हो गयी थी। जिसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर दहेज प्रतिषेध अधिनियम आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट में बताया गया कि महिला की मौत मारपीट से नहीं बल्कि हार्ट की बीमारी से हुई है। महिला के शरीर में चोटों के भी निशान नहीं पाए गए। डॉक्टर ने हार्ट डाइलेटिट बताया है, रिपोर्ट के मुताबिक हार्ट के चार में से दो चैम्बर खराब हो गए थे, जिससे मौत बताई गई है। डॉक्टरों के द्वारा हार्ट के इलाज की सभी कागजात व रिपोर्ट आदि भी पुलिस के पास भेजी गई है। वहीं इस दौरान पिरौना चौकी के प्रभारी दरोगा के ऊपर मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष से मिले होने व अपशब्दों के कहने का आरोप लगाया था। जिसको लेकर इसी गांव के ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दरोगा लाल बहादुर यादव ने इस मामले में शव को जला देने की बात कही थी, पीएम रिपोर्ट की फोटोकॉपी कराकर उन्हें दिलाये जाने और मृतका के मासूम बच्चे के लिए कहा था कि अच्छी परवरिश बच्चे की हो जाये। जिससे कुछ लोग खिन्न हो गए और तमाम तरह की गलत बातों को प्रकाश में ला दिया। ग्रामीणों ने बताया चूंकि मामला काफी तनावपूर्ण था जिसका शिकार दरोगा लाल बहादुर हो गए, हालांकि मौके पर एट प्रभारी निरीक्षक विनय दिवाकर खुद पहुंच गए थे और मामले में उचित कार्यवाही की बात कह मामला शांत कराया था। वहीं जब दरोगा लाल बहादुर सिंह से मीडिया ने बात की तो उनका कहना है कि उन्होंने किसी से भी अपशब्द नहीं कहा, गांव के कई ग्रामीण बराबर मोबाइल का कैमरा चला रहा थे, जिसके वीडियो भी अधिकांश लोगों के पास है और आज भी ग्रामीणों के साथ साथ मीडिया के लोगों के पास भी है, मेरे द्वारा किसी तरह की बच्चे को लेकर गलत प्रतिक्रिया या किसी तरह का अपशब्द बोला गया हो तो किसी के पास तो यह वीडियो जरूर होता। उन्होंने कहा कि लेकिन बिना कोई काम किये किसी को भी गलत ठहराये जाने से दिल में जरूर तकलीफ होती है। फिलहाल चौतरहाई में महिला की मौत के कारणों का सही पता पीएम रिपोर्ट आने के बाद सबके सामने आ गया है और दरोगा लाल बहादुर पर लगाए गए आरोपों में किसी एंगिल से दम नजर नहीं आ रही है।