पशुपालक भेड़ पालन हेतु आवेदन करें 15 मई तक*
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झांसी : मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा० संजय कुमार सिंह ने समस्त पशुपालकों को सूचित किया है कि प्रदेश में गुणवत्तापरक ऊन का उत्पादन बढाने एवं ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नये अवसर प्रदान करते हुये भेड़ पालन की योजना लागू की जा रही है, जिसमें प्रति ईकाई 20 मादा भेड़ एवं 01 नर मेढा उपलब्ध कराया जायेगा, प्रति ईकाई मूल्य 01 लाख 70 हजार रुपए होगा जिसका 90 प्रतिशत 01 लाख 53 हजार रुपए राज्यांश (अनुदान) तथा 10 प्रतिशत 17 हजार रुपए लाभार्थी अंश होगा।
उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत जालौनी, मुजफफरनगरी, नाली, बीकानेरी, मांगरा, राम्बुले-मैरिनो कॉस, मैरीनो-नाली कॉस, राम्बुले नाली कॉस की भेड़ें पाली जायेंगी, जिसका क्रय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर जनपद टोंक राजस्थान व केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मखदमू फरह मथुरा, उ०प्र० द्वारा प्रमाणित ब्रीडर फार्मों से किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि उक्त योजनान्तर्गत लाभार्थी जनपद का स्थायी निवासी हो तथा 18 वर्ष या उससे अधिक का लघु सीमान्त अथवा भूमिहीन कृषक होना चाहिये। भेड़ पालक के पास भेड़ों को रखने का पर्याप्त स्थान होना आवश्यक है। परम्परागत भेड़ पालकों एवं भेड़ पालन में मान्यता प्राप्त संस्थाओं से प्रशिक्षण प्राप्त आवेदक को प्राथमिकता के आधार पर चयन किया जायेगा। लाभार्थी की चयन प्रक्रिया के अन्तर्गत लाभार्थी द्वारा निर्धारित प्रारूप पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया जायेगा एवं जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि उक्त योजनान्तर्गत पशुपालकों को कम से कम 03 वर्ष भेड पालन करना अनिवार्य होगा। भेड पालन हेतु इच्छुक पशुपालक निर्धारित प्रारूप पर आवेदन दिनांक 15 मई 2026 तक कर सकते है। उक्त योजना के सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय झांसी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।