वार्ड ब्वॉय के सहारे चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुढा़, विभागीय अधिकारी जानबूझ कर मौन
ग्रामीण एडिटर अवध बिहारी
गरौठा झांसी
तहसील गरौठा के ग्राम गुढा़ में शासन द्वारा करीब डेढ़ दशक पूर्व लाखों की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की इमारत का निर्माण ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने हेतु कराया गया था। स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण होने से क्षेत्र के सहपुरा, इमलौ,रौटा, सौनकपुरा, खेरी, खड़ौरा, मथनियां,जलालपुरा, जसवंतपुरा समेत दर्जन भर गाँवों में खुशी की लहर दौड़ गई थी कि अब इलाज हेतु 35 किमी० मऊरानीपुर या 25 किमी० दूर गरौठा नहीं जाना पड़ेगा। किन्तु विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते वह खुशी आज ग्रामीणों में नाराजगी के तौर पर देखने को मिल रही है। शुरुआत में चिकित्सक, फार्मासिस्ट व बार्ड ब्वॉय अस्पताल में नियुक्त किए गए पर धीरे धीरे समय गुजरने पर केवल फार्मासिस्ट से ही अस्पताल चलता रहा किन्तु वर्तमान में करीब एक महीने से केवल बार्ड ब्वॉय के सहारे ही मात्र अस्पताल खुल रहा है। ग्रामीणों व क्षेत्रीय लोगों द्वारा डाक्टर व फार्मासिस्ट तथा स्वीपर की नियुक्ति हेतु विभागीय अधिकारियों से कई बार निवेदन किया गया किन्तु जिम्मेदार समस्या की अनदेखी कर जानबूझकर अनजान बने हुए हैं जिसका खामियाजा क्षेत्र के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।स्टाफ हेतु अस्पताल परिसर में सर्व सुबिधा युक्त बनाए गए आवास स्टाफ के न रहने से वर्तमान में कबाड़खाना बनकर रह गए हैं। बार्ड ब्वॉय के सहारे चल रहे इस स्वास्थ्य केंद्र द्वारा क्षेत्रीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं सम्बन्धी कोई लाभ न मिलने से अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है।
मांग करने वालों में से गुढा़ निवासी चन्द्रभानसिंह परमार,नरेन्द्र चौबे, शिवकुमार गुप्ता,छत्रसाल सिंह,रामसेवक यादव, प्रिंस परमार दीपक परमार बृजेश श्रीवास व स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्रीय लोगों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अस्पताल में अविलम्ब डॉक्टर व फार्मासिस्ट सहित स्वीपर की नियुक्ति हेतु आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।
रिपोर्ट राजेंद्र बुंदेला गरौठा