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*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संगोष्ठी सम्पन्न*

ByNeeraj sahu

Jun 5, 2026
*विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संगोष्ठी सम्पन्न*
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         झाँसी। माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाँसी, श्रीमती कमलेश कच्छल जी के कुशल संरक्षण एवं प्रेरणा से आज विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाँसी के तत्वावधान में ए.डी.आर. (A.D.R.) भवन परिसर में भव्य वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
        कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय प्रधान न्यायाधीश (पारिवारिक न्यायालय) श्री रवींद्र कुमार श्रीवास्तव जी द्वारा की गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रभारी जनपद न्यायाधीश/माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मोहम्मद नियाज़ अहमद अंसारी जी सहित अन्य न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन माननीय सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती ईशा त्रिपाठी जी द्वारा किया गया।
        कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अतिथियों द्वारा ए.डी.आर. भवन परिसर में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं विधि के छात्र-छात्राओं ने पौधों के संरक्षण तथा पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में जिला न्यायालय झाँसी के समस्त माननीय न्यायाधीशगण ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल (LADC) के अधिवक्तागण, न्यायालय के मध्यस्थ अधिकारी, अधिकार मित्र तथा समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभाग कर रहे एल.एल.बी. एवं एल.एल.एम. के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
        कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक श्री आदिल जाफरी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम के समापन पर माननीय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती ईशा त्रिपाठी जी ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि न्याय के क्षेत्र में प्रवेश कर रहे भावी अधिवक्ताओं को सामाजिक न्याय के साथ-साथ “पर्यावरण न्याय” के प्रति भी संवेदनशील एवं जागरूक रहना होगा। उन्होंने कहा कि केवल वृक्षारोपण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन करना भी प्रत्येक नागरिक की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है।
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