उरई मेडिकल कॉलेज में बवाल: व्यापारियों का बाजार बंद, सड़क पर उतरे लोग… डॉक्टरों ने भी खोला मोर्चा!
जालौन के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में कथित मारपीट के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। घटना के विरोध में व्यापारियों ने शहर का बाजार बंद कर उग्र प्रदर्शन किया और डॉक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज के पीजी डॉक्टरों ने भी सामने आकर खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान एक व्यापारी और उसके परिजनों का मेडिकल कॉलेज में विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। घटना से नाराज व्यापारियों ने एकजुट होकर उरई शहर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर सड़क पर उतरते हुए जाम लगाया और आरोपित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना था कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामला बढ़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
हालात को संभालने के लिए एसपी विनय कुमार सिंह, एएसपी डॉ ईशान सोनी,सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत कराने में जुटा रहा।
वहीं पूरे घटनाक्रम पर मेडिकल कॉलेज के पीजी डॉक्टरों ने भी अपना पक्ष रखा। डॉक्टरों का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे मारपीट के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उनका दावा है कि मेडिकल कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि विवाद और हाथापाई की शुरुआत किस ओर से हुई।
पीजी डॉक्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिससे मरीजों को सुचारु रूप से सेवाएं देने में परेशानी हो रही है। डॉक्टरों ने प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
डॉक्टरों ने सवाल उठाया कि जब सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना और आरोपियों की पहचान स्पष्ट दिखाई दे रही है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला लगातार गरमाता जा रहा है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।