प्रार्थी द्वारा दिनांक 09.04.2026 को शिकायत संख्या 20016626006248 के माध्यम से आयुष्मान कार्ड के बावजूद अवैध धन वसूली, बिना बिल राशि लेने एवं उपचार संबंधी अभिलेख न देने के संबंध में की गई शिकायत पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिनांक 13.04.2026 को मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच हेतु निर्देशित किया गया था। किंतु अत्यंत खेद है कि इस प्रकरण का भ्रामक/कूटरचित आख्या तैयार कर निस्तारण कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने डॉ. उत्सव राज (नोडल अधिकारी, प्राइवेट हॉस्पिटल) एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा अस्पताल प्रबंधन से मिलीभगत कर झूठे लिखित बयान एवं भ्रामक/कूटरचित आख्या तैयार की गई, जिससे वास्तविक तथ्यों को छिपाया गया। जब कि प्रार्थी द्वारा स्वयं मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के बावजूद उसके कथनों को पूर्णतः नजरअंदाज कर दिनांक 23.04.2026 को उक्त शिकायत का निस्तारण भ्रामक एवं असत्य तथ्यों के आधार पर कर दिया गया, जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के सर्वथा विपरीत है। इससे स्पष्ट होता है कि मुख्य चिकित्साधिकारी के संरक्षण में आयुष्मान कार्ड के नाम पर झांसी में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है ।
महोदय, माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों को बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। किंतु अत्यंत दुःख का विषय है कि कुछ अस्पतालों एवं संबंधित कर्मियों द्वारा इन योजनाओं के नाम पर मरीजों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण किया जा रहा है, जिससे सरकार की जनहितकारी योजनाएं प्रभावित हो रही है।
अतः आपसे सादर निवेदन है कि उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच (जिला स्तर से ऊपर की किसी सक्षम एजेंसी/समिति द्वारा) कराई जाए। संबंधित अस्पताल, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय तथा नोडल अधिकारी की भूमिका की विस्तृत जांच की जाए। दोषी अधिकारियों एवं अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आयुष्मान योजना के नाम पर हो रहे इस प्रकार के भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।